![]()
मुजफ्फरपुर के पश्चिमी इलाकों में गंडक नदी उफान पर होने से साहेबगंज, पारू और सरैया प्रखंडों में बाढ़ के हालात गंभीर हो गए हैं। नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है और जल संसाधन विभाग के अनुसार पानी लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पारू प्रखंड में देखने को मिला, जहां नवनिर्मित चक्की सुहागपुर थाना (ओपी) में तीन फीट से ज्यादा पानी घुस गया। पूरे थाना परिसर में पानी भरने के बाद वहां तैनात पुलिसकर्मियों को नाव से बाहर निकाला गया। अब इस दूरदराज के इलाके में पुलिस गश्त के लिए केवल नाव ही एकमात्र रास्ता है। सरैया प्रखंड में रेवा घाट पर गंडक का जलस्तर 55.20 मीटर पहुंचा जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सरैया प्रखंड के रेवा घाट पर गंडक नदी का जलस्तर 55.20 मीटर तक पहुंच गया है। रेवा घाट पर खतरे का निशान 54.41 मीटर तय है, यानी नदी इस समय लाल निशान से 79 सेंटीमीटर (0.79 मीटर) ऊपर बह रही है। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट में नदी का जलस्तर ‘बढ़ता हुआ’ बताया गया है, जिससे निचले इलाकों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। गंडक नदी में आए उफान के कारण तीनों प्रभावित प्रखंडों के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों के 200 से अधिक घरों में पानी घुस गया है। इससे करीब 8 हजार से ज्यादा की आबादी सीधे प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के सामने भोजन, पीने के पानी, मवेशियों के चारे और सुरक्षित आश्रय की समस्या खड़ी हो गई है। रेवा मंदिर गंडक के पानी से पूरी तरह घिरा बाढ़ का असर धार्मिक स्थलों पर भी पड़ा है। सरैया प्रखंड स्थित प्रसिद्ध रेवा मंदिर गंडक के पानी से पूरी तरह घिर गया है। मंदिर प्रांगण में जलभराव हो गया है और प्रवेश सीढ़ियां डूब चुकी हैं, जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। प्रशासनिक टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से फिलहाल गंडक तटीय इलाकों के निवासियों को राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
Source link
मुजफ्फरपुर- जलस्तर बढ़ने से नवनिर्मित थाना में गंडक का पानी:पुलिसकर्मियों को नाव से निकाला; पारू, सरैया प्रखंड के कई इलाकों में घुटने तक पानी
