भोपाल1 दिन पहले
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ट्विशा की 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।
भोपाल में एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में मंगलवार को जिला अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। इसमें CBI ने बताया कि आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने अब तक वॉयस सैंपल नहीं दिए हैं। वहीं, ट्विशा के वकील ने कहा कि भोपाल AIIMS ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देने से मना कर दिया है।
इस पर गिरिबाला के वकील विनोद जॉर्ज करलो ने कहा- CBI टीम के जेल पहुंचने पर गिरिबाला की तबीयत खराब थी, फिर भी उन्होंने दो बार सैंपल दिए। तीसरी बार स्वास्थ्य कारणों से अगले दिन सैंपल लेने का अनुरोध किया था।
उन्होंने कहा- समर्थ सिंह भी जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनकी आपत्ति वॉयस सैंपल लेने की प्रक्रिया पर है। सैंपल के लिए दी जाने वाली ट्रांसक्रिप्ट पहले रिकॉर्ड की गई ट्रांसक्रिप्ट से अलग होनी चाहिए, ताकि निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे।
सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने गिरिबाला और समर्थ की न्यायिक हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ा दी।

तस्वीर 2 जून की है, जब गिरिबाला को कोर्ट में पेश किया गया था।
भोपाल AIIMS ने कहा- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट CBI को दे दी, अलग से नहीं देंगे
ट्विशा पक्ष के वकील शुभांग दीक्षित के मुताबिक, भोपाल AIIMS ने अदालत को बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और उससे जुड़े सभी दस्तावेज पहले ही CBI को सौंपे जा चुके हैं इसलिए अलग से रिपोर्ट नहीं दी जाएगी। वहीं, दिल्ली AIIMS की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
सुनवाई के दौरान CBI ने बताया कि सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। कई गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाने बाकी हैं। वहीं, कोर्ट ने दर्ज किया कि नोटिस जारी होने के बावजूद दिल्ली एम्स की तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ है।

सीन रिक्रिएशन करने CBI टीम 1 जून को गिरिबाला सिंह के घर डमी लेकर पहुंची थी।
दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनी अहम साक्ष्य
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने 10 जुलाई को अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी है। रिपोर्ट की आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में कुछ वैज्ञानिक निष्कर्ष दर्ज हैं, जिन्हें CBI अपनी जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देख रही है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

CBI को 60 दिन में चालान पेश करना है
CBI ने 25 मई 2026 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच की 60 दिन की वैधानिक अवधि पूरी होने से पहले एजेंसी चालान पेश कर सकती है। यदि तय समय-सीमा के भीतर चालान दाखिल नहीं होता है, तो आरोपी पक्ष कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत का दावा कर सकता है।
12 मई को हुई थी ट्विशा की मौत
ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठने के बाद हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए थे। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर CBI अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।
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