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जहानाबाद के अमथुआ पंचायत के धरारा गांव में ग्रामीण सड़क, नाली और गली की खराब हालत से कई सालों से परेशान हैं। बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति ग्रामीणों में गुस्सा बढ़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय गांव के विकास का भरोसा दिया गया था, लेकिन जीतने के बाद समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में कई सालों से सड़क और नाली नहीं बनी है। कई रास्ते कच्चे और टूटे-फूटे हैं। नाली न होने से घरों के पास गंदा पानी जमा रहता है। बारिश में हालात और बिगड़ जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई जगहों पर रास्ता पार करने के लिए टूटे पेड़ों की टहनियों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने मौजूदा मुखिया पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मुखिया ने चुनाव के दौरान सड़क, नाली और गली बनाने को प्राथमिकता देने का वादा किया था। लेकिन अब तक हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पुरानी योजनाओं के अधूरे कामों को पूरा कर उसका श्रेय लेने की कोशिश की जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव गांव आए थे। ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याओं के बारे में बताया। सांसद ने मौके से ही मुखिया से फोन पर बात की और गांव की समस्या दूर करने को कहा था। इसके बावजूद समस्या का हल न होने से ग्रामीण नाराज हैं। एक महिला ग्रामीण ने बताया कि चुनाव के दौरान उसे पक्का मकान दिलाने का भरोसा दिया गया था। लेकिन वह आज भी मिट्टी के घर में रहने को मजबूर है। घर के पास कचरा और नाली का पानी जमा रहने से बच्चों की सुरक्षा की चिंता बनी रहती है। वहीं, मुखिया ने फोन पर बताया कि स्थानीय लोगों की कुछ समस्याओं के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। उन्होंने मामले को देखने की बात कही है। ग्रामीणों ने कहा है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे अधिकारियों के पास शिकायत करेंगे।
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धरारा गांव में सड़क-नाली की समस्या से ग्रामीण परेशान:जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जताया आक्रोश, बोले – चुनाव में मिले भरोसे पर नहीं हुआ काम
