17 मिनट पहले
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टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने फर्जी और अनचाही कमर्शियल कॉल रोकने के लिए आज नए नियमों लागू किए हैं। इनके तहत रोबोकॉल्स, ऑटोमेटेड कॉल्स और AI-आधारित स्पैम पहचान को रेगुलेटरी दायरे में लाया गया है।
अगर किसी स्पैमर के 5 या उससे ज्यादा नंबर 10 दिन में पहचाने जाते हैं, तो उनका टेलीकॉम कनेक्शन काटा जा सकता है और 1 साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। इसके अलावा ऑटोमेटेड कॉल्स पर 5 पैसे प्रति मिनट का चार्ज भी लगेगा।

TRAI के नए नियमों को एक-एक कर जानिए…
1. दस दिन में 5 नंबर फ्लैग होने पर जांच और ब्लैकलिस्टिंग
टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स अब ऐसे नंबरों की पहचान करेंगे, जिनसे अनचाही कॉल्स या मैसेज भेजे जा रहे हैं।
यदि किसी सेंडर से जुड़े 5 या उससे ज्यादा नंबर 10 दिन के भीतर संदिग्ध पाए जाते हैं, तो ऑपरेटर्स इसकी जांच शुरू करेंगे।
जांच के दौरान KYC का दोबारा वेरिफिकेशन होगा। गड़बड़ी मिलने पर आउटगोइंग सेवाएं बंद होंगी और बार-बार नियम तोड़ने पर कनेक्शन पूरी तरह डिस्कनेक्ट कर दिया जाएगा।
2. A2P और रोबोकॉल्स पर कसता शिकंजा
TRAI ने पहली बार एप्लीकेशन-टू-पर्सन (A2P) कॉल्स को रेगुलेटरी दायरे में शामिल किया है।
इसमें सॉफ्टवेयर, एप्लीकेशन या ऑटोमेटेड प्लेटफॉर्म्स से बिना इंसानी दखल के की जाने वाली ऑटो-डायल, रोबोकॉल और रिकॉर्डेड वॉइस वाली कॉल्स शामिल हैं।
ऐसी कॉल्स करने वाली संस्थाओं को अपने टेलीकॉम ऑपरेटर के पास पहले से घोषणा (डिक्लेरेशन) देनी होगी कि वे कौन से CLIs का उपयोग करेंगी।
बिना डिक्लेरेशन के की गई ऐसी सभी कॉल्स को स्पैम (UCC) माना जाएगा।
3. अघोषित कॉल्स पर लगेगा 5 पैसे प्रति मिनट का चार्ज
अनचाही कॉल्स को रोकने के लिए अथॉरिटी ने नया वित्तीय जुर्माना भी तय किया है।
बिना डिक्लेरेशन वाली A2P कॉल्स पर प्रति मिनट 0.05 रुपए (5 पैसे) तक का टर्मिनेशन चार्ज लगाया जाएगा।
हालांकि, रेगुलेटेड कॉमर्शियल कम्युनिकेशंस के लिए तय स्पेशल नंबर सीरीज और अथॉरिटी से अप्रूव्ड कॉल्स को इस चार्ज से छूट रहेगी।
4. शिकायतों और AI सिस्टम के तालमेल से तुरंत होगी कार्रवाई
कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज करने के लिए उपभोक्ता शिकायतों और AI टेक्नोलॉजी को एक साथ जोड़ा गया है।
पहले किसी नंबर पर कार्रवाई के लिए 10 दिनों में 5 शिकायतें मिलना जरूरी था।
अब यदि टेलीकॉम कंपनी का AI/ML सिस्टम किसी नंबर को संदिग्ध मानता है, तो सिर्फ 3 या उससे ज्यादा शिकायतें मिलने पर ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
5. उपभोक्ता 15 दिन के भीतर 1909 पर कर सकेंगे अपील
अगर उपभोक्ता शिकायतों के समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें अपील करने का अधिकार दिया गया है।
यूजर्स शिकायत निपटारे के 15 दिनों के भीतर अपीलेट अथॉरिटी के पास अपील कर सकते हैं।
इसके लिए TRAI DND ऐप, टेलीकॉम ऑपरेटर्स के पोर्टल/ऐप या 1909 पर कॉल/SMS की सुविधा मिलेगी।
6. ग्राहक की इंक्वायरी पर कंपनियां सिर्फ 7 दिन ही कर सकेंगी संपर्क
ग्राहकों की ओर से की जाने वाली पूछताछ (Inquiry) को लेकर भी समय-सीमा स्पष्ट कर दी गई है।
किसी यूजर द्वारा पूछताछ करने पर कंपनियां उससे केवल 7 दिनों तक ही संपर्क कर सकती हैं।
यह पूछताछ लिखित या डिजिटल फॉर्मेट में होनी चाहिए, जिसे कंपनी को रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखना होगा। यह नियम मुख्य रूप से ई-कॉमर्स और ई-सर्विस प्लेटफॉर्म्स के लिए लागू होगा।
7. हेडर-टेम्पलेट के गलत इस्तेमाल पर 6 घंटे में एक्शन
मैसेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले हेडर और टेम्पलेट के गलत इस्तेमाल को रोकने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
अगर किसी हेडर या टेम्पलेट के गलत इस्तेमाल की जानकारी मिलती है, तो उसे 6 घंटे के भीतर सस्पेंड करना होगा।
गड़बड़ी में शामिल पाए जाने वाले टेलीमार्केटर के सभी टेलीकॉम रिसोर्स 1 साल के लिए बंद कर दिए जाएंगे और उन्हें पूरे नेटवर्क पर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
8. 140xx और 1600xx वाली आधिकारिक कॉल्स को ऐप ब्लॉक नहीं करेंगे
TRAI ने कॉल-मैनेजमेंट ऐप्स (जैसे ट्रूकॉलर्स आदि) को यह निर्देश दिया है कि वे सरकारी या अप्रूव्ड कॉमर्शियल सीरीज वाली कॉल्स को ब्लॉक नहीं करेंगे।
140xx, 1600xx और 1601xx जैसी तय सीरीज से आने वाली कॉल्स को थर्ड-पार्टी ऐप्स द्वारा पूरी तरह ब्लॉक या स्पैम टैग नहीं किया जा सकेगा।
हालांकि, व्यक्तिगत उपभोक्ता चाहें तो अपने मोबाइल में इन नंबर्स को खुद ब्लॉक या फिल्टर कर सकते हैं।

