![]()
बेतिया शहर के पावर हाउस चौक पर अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को स्थानीय दुकानदारों ने अंचल कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। दुकानदारों ने प्रशासन से दुकानें हटाने से पहले उनके पक्ष की सुनवाई करने और उचित मौका देने की मांग की। दर्जनों दुकानदारों ने अपनी मांगों से संबंधित आवेदन भी अंचल कार्यालय में दिया। 1986 में डीएम के आदेश पर हुआ था आवंटन दुकानदारों का कहना है कि वर्ष 1986 में तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर करीब 85 दुकानें अलग-अलग लोगों को आवंटित की गई थीं। आवंटन के समय दुकानदारों से सेंट्रल बैंक के माध्यम से दुकान के नाम पर 10 हजार रुपये जमा कराए गए थे। हर महीने एक हजार रुपये किराया लेने का दावा दुकानदारों के अनुसार आवंटन के बाद से अब तक उनसे हर महीने एक हजार रुपये किराया लिया जा रहा है। वर्षों से इसी जगह पर दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले दुकानदारों का कहना है कि अचानक हटाने की कार्रवाई से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। फोरलेन निर्माण के लिए हटाया जा रहा अतिक्रमण बताया गया कि बेतिया जीएमसीएच से बरवत सेना तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। सड़क निर्माण में बाधा बन रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पावर हाउस चौक के आसपास स्थित दुकानों और मकानों को भी हटाया जा रहा है। 5 सितंबर तक रिपोर्ट जमा करने का था समय प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी रिपोर्ट और पक्ष रखने के लिए 5 सितंबर तक का समय दिया गया था। उनका कहना है कि समय पूरा होने से पहले ही 2 सितंबर को मकान तोड़ने का नोटिस जारी कर दिया गया। दुकानदारों ने मांगी मामले की जांच दुकानदारों का आरोप है कि नोटिस जारी करने के बाद उनकी समस्याओं और पक्ष को रखने के लिए पर्याप्त मौका नहीं दिया गया। उन्होंने अंचल कार्यालय में आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन से सुनवाई के बाद कार्रवाई की मांग दुकानदारों ने कहा कि वे सड़क निर्माण और विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं, लेकिन वर्षों से आवंटित दुकानों को हटाने से पहले उनके मामले की सुनवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से दस्तावेजों और आवंटन की स्थिति की जांच कर उचित निर्णय लेने की मांग की है।
Source link
'सुनवाई का मौका दिए बिना न हटाएं दुकान':बेतिया में अतिक्रमण हटाने के विरोध में दुकानदारों का प्रदर्शन, 85 दुकानों का मामला
