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आरा- जलजमाव से जूझ रहे ग्रामीणों ने किया सड़क जाम:मुआवजा, राहत सूची से नाम कटने पर भी जताया आक्रोश, सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी




बाढ़ के बाद जलजमाव की समस्या से परेशान बड़हरा प्रखंड के ग्रामीणों ने बुधवार को आरा-सरैया मुख्य मार्ग को सरैया बाजार के समीप जाम कर दिया। माले नेताओं और ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि सरैया, बेला, झोकीपुर, गलचौर, उद्यमानपुर, तेतरिया मठिया समेत दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी लंबे समय से जमा है। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित है और घरों के आसपास पानी जमा रहने के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने नए बाढ़ पीड़ितों का नाम राहत सूची में जोड़ने, जिन किसानों और ग्रामीणों के नाम सूची से काट दिए गए हैं, उन्हें फिर से शामिल करने और मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारी बोले- पंचायत में तीन महीने तक पानी जमा रहता है सड़क जाम के कारण आरा-सरैया मुख्य मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर कृष्णगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों का कहना था कि जलजमाव की समस्या केवल कुछ दिनों की नहीं है, बल्कि निचले इलाकों में हर साल लंबे समय तक पानी जमा रहता है। ग्रामीण दीपक ने बताया कि उनके पंचायत के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी करीब तीन महीने तक जमा रहता है। इससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। पानी जमा रहने और उससे दुर्गंध आने के कारण बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था करने की मांग की। ‘पानी में मरे जानवर और कचरा पड़े रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ा’ RYA जिलाध्यक्ष विशाल ने कहा कि बड़हरा की कई पंचायतों में जलजमाव के कारण ग्रामीणों की स्थिति बेहद खराब है। पानी में मरे जानवर और कचरा पड़े रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन को तत्काल पानी की निकासी करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित नए परिवारों के नाम जल्द राहत सूची में जोड़े जाएं। बटाईदार किसानों की फसल बर्बाद हुई है। सरकार की ओर से मिलने वाली 7 हजार रुपए की सहायता से किसानों के नुकसान की भरपाई संभव नहीं है। उनका आरोप है कि कई वास्तविक किसानों के नाम सूची से काट दिए गए हैं और पात्र लोगों को मुआवजा नहीं मिल रहा है। विशाल ने आरोप लगाया कि कागजों में फर्जी नाम दिखाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने बड़हरा को स्थायी रूप से बाढ़ और जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि ग्रामीणों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।



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