यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को लखीसराय समेत देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी एक दिन की देशव्यापी हड़ताल पर रहे।
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बैंक कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और सरकार, भारतीय बैंक संघ व बैंक प्रबंधन से मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की।
कर्मचारियों ने इस हड़ताल को आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत बताया।
बैंक कर्मचारी संगठनों के अनुसार, उनकी मुख्य मांगों में सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू करना, द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त नोट में किए गए प्रावधानों को पूरी तरह लागू करना शामिल है।

‘सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखा जा सकता आश्वासन’
साथ ही, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) व्यवस्था में कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों के हिसाब से जरूरी सुधार करना भी उनकी मांग है।
संगठन का कहना है कि वर्षों से किए जा रहे समझौतों और आश्वासनों को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखा जा सकता।
जिला संयोजक मुकेश कुमार ने कहा कि बैंक कर्मचारी बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने, ग्राहकों को बेहतर सेवा देने और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत बनाने में लगातार अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सही प्रणाली लागू करने की मांग की
इसके बावजूद कर्मचारियों की सही मांगों को पूरा करने में देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल केवल वेतन या सेवा शर्तों का मुद्दा नहीं है, बल्कि सम्मानजनक काम करने की स्थिति, सही नीतियों और द्विपक्षीय समझौते के सम्मान को बचाने की लड़ाई है।
संगठन ने सरकार और बैंक प्रबंधन से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था जल्द लागू करने, द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने और PLI व्यवस्था में भेदभाव खत्म कर सही प्रणाली लागू करने की मांग की।
आंदोलन को और बड़ा करने की दी चेतावनी
इसके अलावा, लंबित मांगों पर समयबद्ध बातचीत और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पर्याप्त भर्ती व कर्मचारी उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। मुकेश कुमार ने चेतावनी दी कि अगर मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
संगठन के अनुसार, सितंबर के आखिरी सप्ताह और अक्टूबर में आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की गई है।
उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों का यह संघर्ष बैंकिंग व्यवस्था को कमजोर करने के लिए नहीं, बल्कि इसे मजबूत, जनता के लिए और कर्मचारियों के हित में बनाने के लिए है।
