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गंगा का जलस्तर बढ़ा, खगड़िया में प्रशासन अलर्ट:बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंच रही आपदा मित्र टीम, कहा-'गहरे पानी से दूर रहे'




खगड़िया गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खगड़िया जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। बाढ़ की आशंका वाले और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। जिलाधिकारी विक्रम विरकर के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी और आपदा मित्रों की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रही हैं। साथ ही ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… पांच पंचायतों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा इसी क्रम में परबत्ता की आपदा मित्र टीम ने तेमथा करारी, सौढ़ उत्तरी, सौढ़ दक्षिणी, कुलहरिया और भरसौ पंचायत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। टीम ने मौके पर जलस्तर और बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के साथ ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह आपदा मित्रों ने लोगों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने और जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की। ग्रामीणों को नदी, गहरे पानी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई। खास तौर पर बच्चों को ऐसे स्थानों पर नहीं जाने देने की हिदायत दी गई है। शाम की चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद जिलाधिकारी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में शाम के समय चौपाल भी लगाई जा रही है। परबत्ता अंचल के तेमथा करारी और आसपास के क्षेत्रों में गोगरी के अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में चौपाल आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर बाढ़ की स्थिति और उनकी जरूरतों की जानकारी ली। मानसी अंचल में भी बीडीओ और सीओ ने शाम की चौपाल के माध्यम से स्थानीय लोगों से क्षेत्र की स्थिति और संभावित समस्याओं के बारे में जानकारी ली। रोज सुबह बाढ़ की स्थिति की समीक्षा जिलाधिकारी विक्रम विरकर रोज सुबह बाढ़ की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक कर रहे हैं। इसमें संबंधित अधिकारियों से जलस्तर, प्रभावित इलाकों और प्रशासनिक तैयारियों की ताजा जानकारी ली जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। सबसे पहले मैदान में उतरते हैं आपदा मित्र बाढ़, नाव दुर्घटना, अग्निकांड और अन्य आपदाओं के दौरान आपदा मित्र प्रशासन के साथ राहत, बचाव, जागरूकता और जनसुरक्षा के काम में अहम भूमिका निभाते हैं। आपदा की स्थिति में ये प्रशिक्षित स्वयंसेवक तत्काल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों की मदद करते हैं। हालांकि, लगातार जोखिम उठाकर जिम्मेदारी निभाने वाले आपदा मित्रों के सामने स्थायी रोजगार और आर्थिक सुरक्षा का सवाल भी बना हुआ है। आपदा मित्रों ने सरकार से उनके प्रशिक्षण और जिम्मेदारियों के अनुरूप स्थायी वेतन अथवा नियमित मानदेय, सेवा-सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आपदा के समय वे अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना लोगों की मदद के लिए आगे आते हैं। ऐसे में सरकार को उनके सेवाभाव और जोखिम को देखते हुए उनके परिवार एवं भविष्य की आर्थिक सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए। 24 घंटे सक्रिय है जिला आपदा नियंत्रण कक्ष आपात स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष (DEOC) को 24 घंटे संचालित रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति या जरूरी सूचना के लिए 8434103723 और 06244-222384 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने, केवल आधिकारिक सूचनाओं और दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की है।



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