![]()
मोतिहारी के सरकारी स्कूलों में ICT लैब चलाने वाले इंस्ट्रक्टरों ने 8 महीने काम करने के बाद मानदेय नहीं मिलने और नियुक्ति रद्द किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और बकाया भुगतान के साथ दोबारा नियुक्ति की मांग की। इंस्ट्रक्टरों के मुताबिक, विभागीय निर्देश पर उन्होंने अलग-अलग सरकारी स्कूलों में योगदान दिया और नियमित रूप से काम किया। उनका कहना है कि आठ महीने काम कराने के बाद भी मानदेय नहीं मिला। अब नियुक्ति रद्द करने का पत्र जारी कर दिया गया है। मार्च में प्रधानाध्यापकों को भेजा गया था पत्र जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी ने 7 मार्च 2026 को स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजा था। इसमें विस्तार विजन, पटना के 6 मार्च 2026 के पत्रांक VV/26/269 का हवाला दिया गया था। पत्र में बताया गया था कि जिले के स्कूलों में ICT लैब लगाने और चलाने के लिए चयनित एजेंसी विस्तार विजन ने इंस्ट्रक्टर चुने हैं। 8 महीने बाद नियुक्ति रद्द होने पर उठा सवाल प्रधानाध्यापकों को अपने स्कूल के लिए चुने गए इंस्ट्रक्टरों का योगदान स्वीकार कर इसकी जानकारी जिला कार्यालय को देने का निर्देश दिया गया था। इंस्ट्रक्टरों का कहना है कि विभागीय पत्र के आधार पर स्कूलों में उनका योगदान स्वीकार किया गया और उनसे काम भी लिया गया। अब आठ महीने बाद नियुक्ति रद्द किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं। प्रदर्शन कर रहे इंस्ट्रक्टरों ने कहा कि उन्होंने स्कूलों में पूरी ईमानदारी से काम किया। इनपुट में उनका आगे का बयान उपलब्ध नहीं है। लेकिन अब न तो उन्हें काम मिल रहा है और न ही मेहनत का मानदेय। उन्होंने विभाग से मांग की कि उनकी नियुक्ति दोबारा बहाल की जाए और आठ महीने का बकाया भुगतान जल्द कराया जाए।
Source link
8 महीने काम के बाद ICT इंस्ट्रक्टरों की नियुक्ति रद्द:मोतिहारी में मानदेय और दोबारा नियुक्ति की मांग पर किया प्रदर्शन
