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दीपावली पर गया में 21 जगह दमकल गाड़ियां तैनात होंगी:संकरी गलियों में पहुंचेगी फायर बाइक, गांधी मैदान से रेलवे स्टेशन तक 6 अस्थायी कंट्रोल रूम




दीपावली और छठ पर आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए गया जिले के फायर ब्रिगेड ने तैयारी की है। जिले के 21 संवेदनशील स्थानों पर दमकल गाड़ियां पहले से तैनात रहेंगी। संकरी गलियों में फायर बाइक दौड़ेंगी और 6 जगह अस्थायी कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। शनिवार को जिला अग्निशमन पदाधिकारी ज्योति प्रकाश ने प्रेस वार्ता में विभाग की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 10 साल में जिले में हुई आग लगने की घटनाओं के आंकड़ों के आधार पर संवेदनशील जगहों की पहचान की गई है। तीन स्तरों में बांटी गई सुरक्षा व्यवस्था विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को L1, L2 और L3 तीन स्तरों में बांटा है। L1 में सबसे संवेदनशील 10 जगहें शामिल हैं। यहां दमकल गाड़ियां पहले से मौजूद रहेंगी और आसपास आग लगने की सूचना पर रवाना होंगी। L2 में 6 जगहें शामिल हैं, जहां आग लगने की आशंका L1 के मुकाबले कम है। यहां तैनात दमकल गाड़ियां आसपास के इलाकों में पहुंचेंगी। L3 स्तर में 5 जगहें रखी गई हैं। यहां अग्निशमन वाहन भ्रमणशील रहेंगे और आसपास के इलाकों में लगातार निगरानी करेंगे। इस प्रकार कुल 21 संवेदनशील स्थानों पर तीन स्तरों में अग्निशमन वाहनों की तैनाती की जाएगी। गांधी मैदान से रेलवे स्टेशन तक छह जगह बनेंगे कंट्रोल रूम

दीपावली और छठ के दौरान शहर में लोगों की भारी भीड़ और आवागमन को देखते हुए छह स्थानों पर अस्थायी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। इनमें गांधी मैदान, जहां पटाखों की बिक्री हो रही है, कालचक्र मैदान और रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। इन जगहों पर लोगों की आवाजाही अधिक रहने के कारण अग्निशमन विभाग विशेष सतर्कता बरतेगा।

अस्थायी कंट्रोल रूम स्थानीय स्तर पर तैनात अग्निशमन कर्मियों के लिए संपर्क केंद्र के रूप में काम करेंगे। किसी भी घटना की सूचना सबसे पहले संबंधित नियंत्रण कक्ष को दी जाएगी। इसके बाद वहां से जिला नियंत्रण कक्ष को तत्काल सूचना भेजी जाएगी। जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यरत रहेगा। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त दमकल वाहन और बचाव दल को भी घटनास्थल पर भेजा जाएगा।

संकरी गलियों में आग बुझाएंगी फायर बाइक, दो कर्मी रहेंगे तैनात

गया शहर की संकरी गलियों और घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ी दमकल गाड़ियों को पहुंचने में होने वाली परेशानी को देखते हुए विभाग ने विशेष इंतजाम किया है। शहर में दो फायर बाइक तैनात की गई हैं। इन बाइकों पर दो-दो प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मी रहेंगे। इनमें छोटे अग्निशमन उपकरण और एक्सटिंग्विशर लगाए गए हैं। इनमें करीब 10 से 12 लीटर क्षमता वाले CO2 और पानी आधारित अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रहेंगे।

ज्योति प्रकाश ने बताया कि फायर बाइक फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में काम करेंगी। किसी संकरी गली या भीड़भाड़ वाले इलाके में आग लगने की सूचना मिलने पर ये बाइक सबसे पहले मौके पर पहुंचकर शुरुआती आग बुझाने का प्रयास करेंगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार बड़ी दमकल गाड़ियों और अन्य बचाव टीमों को बुलाया जाएगा। उनका कहना था कि आग की छोटी घटना समय रहते नियंत्रित नहीं हुई तो वह बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है। इसलिए शुरुआती प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। हर अग्निशमन उपकेंद्र में रहेगी QRT टीम

आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए विभाग की ओर से क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी तैनात की जाएगी। प्रत्येक अग्निशमन उपकेंद्र में प्रशिक्षित कर्मियों की एक QRT टीम उपलब्ध रहेगी। ये कर्मी आग बुझाने के साथ-साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम करेंगे। किसी भी बड़ी घटना की स्थिति में टीम तत्काल सक्रिय होगी।

पटाखा दुकानों की जांच, मॉक ड्रिल से लोगों को किया जा रहा जागरूक

अग्निशमन विभाग की ओर से पटाखा बिक्री करने वाली दुकानों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन से अस्थायी लाइसेंस प्राप्त कर पटाखों की बिक्री करने वाले दुकानदारों को अग्नि सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन करने का निर्देश दिया जा रहा है। दुकानों पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।

इसके अलावा भीड़भाड़ वाले और अग्निकांड की आशंका वाले स्थानों पर मॉक ड्रिल तथा जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। लोगों को बताया जा रहा है कि आग लगने की स्थिति में किस तरह तत्काल बचाव किया जाए और किन सावधानियों का पालन करना जरूरी है।

गया जिले में 33 अग्निशमन वाहन, अनुमंडलों में अलग-अलग तैनाती

जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि गया जिले में कुल 33 अग्निशमन वाहन उपलब्ध हैं। इन वाहनों को जिले के विभिन्न अनुमंडलों में जरूरत और संवेदनशीलता के आधार पर तैनात किया गया है। बोधगया में पांच और शेरघाटी में करीब आठ अग्निशमन वाहन उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त जिले में फायर बाइक सहित अन्य संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

अग्निशमन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि दीपावली के दौरान पटाखे खुले और सुरक्षित स्थानों पर ही जलाएं। पटाखे जलाते समय बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। घरों और दुकानों में ज्वलनशील पदार्थों को पटाखों से दूर रखें तथा पानी और बालू की व्यवस्था जरूर रखें। किसी भी तरह की आगजनी की घटना होने पर तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दें। जिला अग्निशमन पदाधिकारी ज्योति प्रकाश ने बताया कि विभाग का पूरा प्रयास है कि दीपावली और छठ पर्व के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए अग्निशमन विभाग के सभी कर्मियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।



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