मुजफ्फरपुर6 मिनट पहले
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मुजफ्फरपुर के गोबरसही में PNG गैस पाइपलाइन ब्लास्ट वाली जगह बुधवार को एक बार फिर गैस रिसाव की सूचना से अफरातफरी मच गई। अचानक तेज गैस की गंध आने पर आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकलकर भागने लगे।
भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने डायल 112 को सूचना दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची। सूचना पर एसडीएम पूर्वी आनंद उत्सव और एसडीपीओ टाउन-2 दीपक कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
लोड टेस्टिंग के दौरान हुआ गैस रिसाव
एसडीएम पूर्वी आनंद उत्सव ने बताया कि घटनास्थल पर गैस रिसाव की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर IOCL की टीम ने बताया कि वहां लोड टेस्टिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान लीकेज हुआ था। टीम ने स्थिति नियंत्रण में होने की जानकारी दी।
IOCL के चार कर्मचारी बिना आईकार्ड और निर्धारित ड्रेस के मिले
जांच के दौरान IOCL के चार कर्मचारी मौके पर मौजूद मिले, लेकिन उनके पास आईकार्ड नहीं था और वे निर्धारित ड्रेस में भी नहीं थे। इस कारण स्थानीय लोग उनकी पहचान नहीं कर पा रहे थे। एसडीएम ने इसे लापरवाही बताते हुए कहा कि आगे से ऐसे काम के दौरान माइकिंग कराकर लोगों को पहले से जानकारी दी जाएगी। साथ ही निर्धारित एसओपी का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
टेस्टिंग के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखने की तैयारी
एसडीपीओ टाउन-2 दीपक कुमार ने बताया कि IOCL की टीम को सुरक्षा मानकों के अनुरूप काम करने का निर्देश दिया गया है। बिजली विभाग के अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि टेस्टिंग के दौरान जरूरत पड़ने पर बिजली आपूर्ति बंद रखी जा सके। उन्होंने कहा कि काम के दौरान फायर ब्रिगेड सहित इमरजेंसी वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। फिलहाल टेस्टिंग का काम अधिकारियों की निगरानी में कराया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने टेस्टिंग से पहले माइकिंग कराने की मांग की
स्थानीय निवासी मनीष कुमार ने बताया कि परसों जिस जगह ब्लास्ट हुआ था, वहां गैस लीकेज की सूचना मिलते ही लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। अचानक तेज गंध आने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। उन्होंने डायल 112 को सूचना दी और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची।
मनीष ने कहा कि IOCL की टीम बाद में टेस्टिंग की बात बता रही थी, लेकिन लोगों को पहले से इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। टेस्टिंग से पहले माइकिंग कराई जाती और रास्ते को बंद कर दिया जाता, ताकि आम लोग उस इलाके में नहीं पहुंचें। स्थानीय लोगों ने गैस पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने की मांग की।

