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पर्व-त्योहारों के सीजन में किशनगंज से दिल्ली जाने और लौटने वाले यात्रियों को ट्रेनों की देरी से परेशानी हो रही है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर धुंध और प्रदूषण के बीच उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।
दिल्ली रूट पर चलने वाली महानंदा एक्सप्रेस, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र और राजधानी एक्सप्रेस तय समय से देरी से चल रही हैं। ट्रेनें लेट होने पर यात्रियों को प्लेटफॉर्म या वेटिंग रूम में बैठना पड़ रहा है। दिल्ली से आने वाली ट्रेन 6 घंटे लेट
दिल्ली से किशनगंज लौट रहे रमेश कुमार ने बताया कि उनकी ट्रेन 6 घंटे लेट है। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर धुंध और प्रदूषण के कारण आंखों में जलन हो रही है। वेटिंग रूम भी भरा हुआ है।
कुछ यात्री ठंड और धूल के बीच प्लेटफॉर्म पर चादर बिछाकर इंतजार कर रहे हैं। किशनगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर ट्रेन का इंतजार कर रहे सुमन कुमार और चंदन कुमार ने बताया कि वे एक संस्था में काम करते हैं। दीपावली और छठ पर छपरा स्थित अपने घर जाने के लिए वे अवध आसाम एक्सप्रेस पकड़ने आए हैं। ट्रेन लेट होने से एक दिन की सैलरी कटी
दिल्ली जाने के लिए स्टेशन पर इंतजार कर रहे राजू साह ने बताया कि उनकी दिल्ली में नौकरी है। ट्रेन लेट होने से उनकी शिफ्ट छूट सकती है और एक दिन की सैलरी कट सकती है। किशनगंज रेलवे स्टेशन के एस एस घनश्याम कुमार ने बताया कि पर्व त्योहारों को लेकर स्टेशन में भीड़ बढ़ने की संभावना को लेकर स्टेशन परिसर में पेयजल आदि को दुरुस्त किया जा रहा है। सुरक्षा को लेकर रेल पुलिस व आरपीएफ सतर्कता बरत रही है। रेल थानाध्यक्ष अरुण कुमार चौधरी ने बताया कि पर्व त्योहारों को लेकर स्टेशन के प्लेटफार्म में लगातार निगरानी रखी जा रही है। दीपावली और छठ महापर्व पर दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों से किशनगंज अपने घर लौट रहे यात्रियों को इस बार बसों का भी सहारा लेना पड़ है। त्योहारों के इस सीजन में ट्रेनों में लंबी नो-रूम स्थिति और उड़ानों के आसमान छूते किराए के बीच, यात्रियों ने निजी ऐप-आधारित बसों का रुख किया है। नहाये खाये से पहले सबसे ज्यादा होती है बुकिंग कई लोग बस से किशनगंज से बाहर अपने घर जाते है। बस स्टैंड में एक काउंटर के एजेंट ने बताया कि दीपावली के दो दिन पहले और सबसे ज्यादा छठ पर्व में नहाये खाये के एक से दो दिन पहले बसों में सीट की बुकिंग होती है। सबसे ज्यादा बुकिंग पटना, सिवान, मुजफ्फरपुर, छपरा, गोपालगंज, हाजीपुर, मोतिहारी के लिए होती है। अभी बसों में वैसी भीड़ नहीं है। इस रूट पर सिलीगुड़ी से बसों का परिचालन होता है। जिले के यात्रियों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत इन बसों के पिकअप और ड्रॉपिंग पॉइंट्स’ बन गए हैं। ज्यादातर ऐप-आधारित बसें शहर के मुख्य बस स्टैंड के बजाय किशनगंज बस स्टैंड के बाहर नेशनल हाईवे के किनारे यात्रियों को उतारती या बैठाती हैं। अइन पिकअप पॉइंट्स पर न तो स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है और न ही बैठने के लिए कोई शेड या पैसेंजर लाउंज है।
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