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किशनगंज जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) में वर्ष 2007 से काम कर रहे संविदा कर्मियों ने तीन मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। शनिवार शाम उन्होंने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को ग्रामीण विकास विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा। 8 महीने का बकाया वेतन देने की मांग कर्मियों की मांग है कि उनका मानदेय बढ़ाया जाए, पिछले 8 महीने का बकाया वेतन दिया जाए और सेवा का समायोजन किया जाए। उनका कहना है कि 8 महीने से वेतन नहीं मिला है। इससे परिवार के खर्च और बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। कर्मियों ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से उनके मानदेय में बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2022 से डीआरडीए का प्रशासन शीर्ष खत्म कर वहां काम कर रहे कर्मियों को दूसरे सरकारी विभागों में समायोजित करने का निर्देश दिया था। उनके मुताबिक, बिहार के ग्रामीण विकास विभाग ने पिछले 5 वर्षों में सेवा समायोजन के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। 15 दिनों में फैसला लेने का दिया था आश्वासन संघ के प्रतिनिधि प्रमोद कुमार ने बताया कि 28 अक्टूबर को राज्यभर के डीआरडीए संविदा कर्मियों ने पटना में ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव से मुलाकात की थी। उस समय मांगों पर 15 दिनों के भीतर फैसला लेने का आश्वासन दिया गया था। कर्मियों ने कहा कि तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 17 नवंबर से किशनगंज समेत पूरे बिहार के डीआरडीए संविदा कर्मी सामूहिक अवकाश पर जाएंगे और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमोद कुमार, दीपक गुप्ता, राजन मिश्रा, संजय सिंह, अजय कुमार सिंह और दीपक कुमार साहा समेत अन्य कर्मी शामिल थे।
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DRDA संविदा कर्मी 17 नवंबर से करेंगे हड़ताल:8 महीने का वेतन बकाया, पूरे बिहार में सामूहिक अवकाश की दी चेतावनी
