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नालंदा के बिहारशरीफ स्थित सरदार पटेल मेमोरियल (एस.पी.एम.) कॉलेज, उदंतपुरी में बुधवार को आयोजित समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार शामिल हुए। इस दौरान जेडीयू कार्यकर्ता, नेता और समर्थक नीतीश कुमार जिंदाबाद और निशांत कुमार जिंदाबाद के नारे लगाए। नीतीश कुमार ने सरदार पटेल मेमोरियल कॉलेज के संस्थापक प्राचार्य स्वर्गीय प्रो. राजेंद्र प्रसाद की आदमकद प्रतिमा का विधिवत अनावरण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री ने परिसर में छात्रों के लिए खेल सुविधाओं और नवनिर्मित संपर्क पथ का लोकार्पण किया। डीएम-एसपी ने की अगवानी, सुरक्षा के रहे कड़े प्रबंध पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। बाबा मणिराम अखाड़ा के निकट स्थित कॉलेज परिसर पहुंचने पर नालंदा की जिलाधिकारी उदिता सिंह एवं पुलिस अधीक्षक हृदय कांत ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच कॉलेज के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। खेल कोर्ट और संपर्क पथ का लोकार्पण प्रतिमा अनावरण के पश्चात नीतीश कुमार ने खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज में बने नए वॉलीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन किया। इसके अलावा, सांसद मद से तैयार किए गए महाविद्यालय संपर्क पथ का भी लोकार्पण किया गया। इस सड़क के बनने से कॉलेज आने-जाने वाले छात्रों और शिक्षकों को आवागमन में सीधी राहत मिलेगी। मंत्री और सांसद रहे मौजूद, लगे नारे समारोह में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान समर्थकों ने ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के साथ ‘निशांत कुमार जिंदाबाद’ के नारे लगाए, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर अभिवादन किया। कॉलेज परिसर में करीब 10 मिनट रुकने और सभी विकास योजनाओं का उद्घाटन करने के बाद उनका काफिला रवाना हो गया। सरदार पटेल मेमोरियल (एस.पी.एम.) कॉलेज का रहा है समृद्ध इतिहास आधुनिक भारत के शिल्पकार और देश के पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर स्थापित यह महाविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। वर्ष 1974 में इसकी नींव 8वीं शताब्दी के प्रख्यात उदंतपुरी विश्वविद्यालय के अवशेषों पर रखी गई थी, जिसकी स्थापना पाल वंश के शासक राजा गोपाल ने की थी। प्राचीन काल में यह स्थल बौद्ध शिक्षा और शोध का एक वैश्विक केंद्र हुआ करता था, जहां एक ही समय में लगभग 12,000 विद्वान अध्ययन और अनुसंधान में संलग्न रहते थे। इसी ऐतिहासिक धरोहर के सम्मान में इस संस्थान के नाम के साथ ‘उदंतपुरी’ शब्द जोड़ा गया। समाज के निर्धन, वंचित और साधनहीन युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा की रोशनी पहुँचाने के पवित्र संकल्प के साथ स्थानीय समाजसेवियों व शिक्षाविदों ने इस कॉलेज की शुरुआत की थी। शिक्षा के क्षेत्र में इसके निरंतर योगदान को देखते हुए वर्ष 1980 में इसे मगध विश्वविद्यालय, बोधगया की अंगीभूत इकाई बनाया गया। इसके बाद, मार्च 2018 से यह महाविद्यालय पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के एक प्रमुख अंगीभूत कॉलेज के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहा है। वर्तमान में यह संस्थान बाबा मणिराम अखाड़ा के निकट स्थित अपने नए, सुसज्जित परिसर से संचालित हो रहा है, जहाँ हजारों छात्र-छात्राएँ उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
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नालंदा- निशांत कुमार जिंदाबाद के नारे पर मुस्कुराए नीतीश कुमार:सरदार पटेल मेमोरियल कॉलेज पहुंचे पूर्व सीएम, राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा का किया अनावरण
