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Microsoft India Layoffs | Voluntary Exit Offer for Employees & AI Focus


नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले

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कंपनी की यह योजना भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के कर्मचारियों के लिए है। - Dainik Bhaskar

कंपनी की यह योजना भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के कर्मचारियों के लिए है।

साफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट करीब 60 हजार कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने की पेशकश की है। कंपनी ने यह जानकारी अपने ब्लॉग पोस्ट में दी। यह योजना भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के कर्मचारियों के लिए है।

योजना कंपनी के कई विभागों के कर्मचारियों पर लागू होगी। इनमें AI एक्सपीरियंस, Copilot, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेज, Xbox और Windows + Devices जैसे विभाग शामिल हैं। डेटा सेंटर, सेल्स और मार्केटिंग में काम करने वाले लोगों को इससे बाहर रखा गया है।

कंपना का कहना है कि नौकरी छोड़ने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को आर्थिक मदद दी जाएगी। इससे उन्हें करियर की योजना बनाने में भी मदद मिलेगी। भारत में कंपनी के 23 हजार कर्मचारी हैं, लेकिन कितनों को ऑफर मिलेगा, यह अभी क्लीयर नहीं है। भारत में पात्र कर्मचारियों को 1 दिसंबर तक फैसला करना होगा।

कंपनी का दावा- कर्मचारियों को अधिक विकल्प देना है मकसद

माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एमी कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि यह सीमित समय के लिए शुरू की गई पहल है। इसका मकसद उन कर्मचारियों को अधिक विकल्प देना है, जो कंपनी से बाहर नौकरी या करियर के दूसरे अवसरों पर विचार कर रहे हैं।

कोलमैन ने कहा- स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का यह प्रस्ताव हमारे लिए नया है। हम इससे सीखेंगे। उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारियों को नए कौशल सीखने और कंपनी के भीतर करियर के दूसरे अवसर तलाशने में मदद देना जारी रखेगी। जहां ऐसा करना उचित होगा, वहां कर्मचारियों को ये अवसर दिए जाएंगे।

कंपनी ने स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का ऑप्शन क्यों दिया?

इस सवाल के जवाब में कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि इस योजना से कर्मचारियों को मदद के साथ नौकरी छोड़ने और आगे बढ़ने का विकल्प मिलेगा। इससे योजना में शामिल कंपनी की यूनिट्स भी अपनी बदलती जरूरतों के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या तय कर सकेंगी।

नौकरी छोड़ने पर क्या मिलेगा?

इस योजना के तहत मिलने वाला पैकेज कंपनी की सामान्य नौकरी छोड़ने की व्यवस्था जैसा होगा। इसमें नौकरी के हर पूरे साल के लिए एक महीने का मूल वेतन शामिल होगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य बीमा और करियर बदलने में मदद देने वाली सेवाएं भी मिलेंगी।

कंपनी ने साफ किया कि यह योजना उसके सभी कामकाज में एक जैसी लागू नहीं होगी। इसमें भाग लेने का फैसला हर कारोबारी इकाई की प्राथमिकताओं और कर्मचारियों की जरूरतों के आधार पर होगा। ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को ईमेल भेजे जाएंगे। इनमें उन्हें स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के प्रस्ताव की शर्तों की जानकारी दी जाएगी।

जुलाई में 4,800 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था

कंपनी ने इसी साल जुलाई में 4,800 कर्मचारियों को नौकरियों से निकाला था। कंपनी का कहना था कि यह फैसला AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च और बिजनेस में एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए लिया जा रहा है।

जून के अंत में अक्सर छंटनी करती है कंपनी इससे पहले कंपनी ने अपने अमेरिकी वर्कफोर्स के करीब 7% यानी लगभग 9,000 कर्मचारियों को वॉलंटरी बायआउट का ऑफर दिया था। सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस विकल्प के लिए पात्र लोगों में से लगभग 30 प्रतिशत ने वॉलंटरी रिटायरमेंट योजना को चुन लिया था।

रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, जून के अंत में माइक्रोसॉफ्ट के पास दुनिया भर में 223,000 कर्मचारी थे, जबकि 2025 के अंत में यह संख्या 228,000 थी।

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