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Albania Student Protest | PM Office Chairs Burned Amid Dialogue Refusal


तिराना13 मिनट पहले

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अल्बानिया में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर रखी कुर्सियों में आग लगा दी।

पीएम एडी रामा ने छात्रों से बातचीत करने के लिए ये कुर्सियां और पत्थर की एक बड़ी मेज रखवाई थी। इन पर ‘डायलॉग’ यानी बातचीत लिखा था। लेकिन छात्रों ने बातचीत से इनकार कर दिया।

प्रदर्शनकारी कई दिनों से राजधानी तिराना में प्रदर्शन कर रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय के बाहर कुछ देर प्रदर्शन हुआ। इस दौरान इमारत पर पत्थर भी फेंके। कुछ देर रुकने के बाद वे प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ गए।

प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर बातचीत के लिए रखी कुर्सियां जलाते हुए प्रदर्शनकारी। तस्वीर 25 अक्टूबर 2026 की है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर बातचीत के लिए रखी कुर्सियां जलाते हुए प्रदर्शनकारी। तस्वीर 25 अक्टूबर 2026 की है।

तिराना में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस के सामने खड़ी प्रदर्शनकारी। तस्वीर 25 अक्टूबर 2026 की है।

तिराना में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस के सामने खड़ी प्रदर्शनकारी। तस्वीर 25 अक्टूबर 2026 की है।

अल्बानिया में छात्रों की मांग क्या है?

भ्रष्टाचार पर कार्रवाई: छात्र सरकार और सरकारी अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और जवाबदेही चाहते हैं।

कॉलेज की फीस कम हो: छात्रों की मांग है कि पढ़ाई का खर्च कम किया जाए, ताकि ज्यादा लोग पढ़ सकें।

नौकरी के मौके: युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के बेहतर अवसर चाहते हैं।

किराया और घर सस्ते: बढ़ते किराए और महंगे घरों को लेकर भी युवाओं में नाराजगी है।

तिराना में छात्रों के सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाघेरा बनाए हुए पुलिसकर्मी। तस्वीर 24 अक्टूबर 2026 की है।

तिराना में छात्रों के सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाघेरा बनाए हुए पुलिसकर्मी। तस्वीर 24 अक्टूबर 2026 की है।

ट्रम्प के दामाद के लग्जरी रिसॉर्ट बनाने का विरोध

एदी रामा 2013 से अल्बानिया के प्रधानमंत्री हैं। पिछले साल मई में वे चौथी बार इस पद पर चुने गए थे। हालांकि, इसके बाद उनकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी है। मौजूदा प्रदर्शन रामा के लिए अब तक के सबसे गंभीर जन विरोध में से एक माने जा रहे हैं।

सरकार के खिलाफ विरोध कुछ महीने पहले ही शुरू हो गया था। इसकी एक वजह देश के दक्षिणी तट पर लग्जरी रिसॉर्ट बनाने की योजना भी है। इस परियोजना से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर जुड़े हैं।

हिंसक प्रदर्शन के बाद नया कानून लाएंगे रामा

प्रधानमंत्री एडी रामा ने हिंसा और शहर में तोड़फोड़ रोकने के लिए नए कानूनी उपायों का ऐलान किया है। इसके तहत हिंसा में नुकसान उठाने वाले कारोबारियों को मुआवजा दिया जाएगा। छोटे कारोबारियों को नुकसान का पूरा मुआवजा मिलेगा, जबकि बड़े कारोबारियों को 70% रकम दी जाएगी।

  • रामा ने कहा है कि सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को इसकी भरपाई करनी होगी।
  • नुकसान की भरपाई जनता के टैक्स के पैसे से नहीं, बल्कि जिम्मेदार लोगों से कराई जाएगी।
  • अगर कोई व्यक्ति जानता है कि भीड़ में हिंसा हो रही है और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, फिर भी वहां बना रहता है, तो उस पर 5 लाख लेक (करीब ₹5.7 लाख) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • नाबालिगों के जुर्माने और नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी उनके माता-पिता से होगी।

पत्रकारों, डॉक्टरों, निगरानी करने वालों, ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों और वहां से गुजर रहे लोगों को इससे छूट मिलेगी। नए नियमों से लोगों के प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने की आजादी पर रोक नहीं लगेगी।

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