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बक्सर के मुरार थानाध्यक्ष नेहा कुमारी को पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने निलंबित कर दिया है। उन पर भ्रष्टाचार, अवैध गतिविधियों, कर्तव्य में लापरवाही और पुलिस विभाग की छवि खराब करने के आरोप हैं। विभागीय जांच में कई मामलों में अनियमितता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। 26 अक्टूबर 2026 को जारी निलंबन आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि में नेहा कुमारी का मुख्यालय पुलिस केंद्र, बक्सर रहेगा। एसपी ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। FIR दर्ज करने और आरोपियों को छोड़ने के मामले में सवाल थानाध्यक्ष के खिलाफ मिली शिकायतों और जांच रिपोर्ट की समीक्षा में एफआईआर दर्ज करने, गिरफ्तारी और लंबित मामलों के निष्पादन में लापरवाही के मामले सामने आए। एक मामले में अभिषेक कुमार ने 21 अगस्त 2026 को एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। जांच के अनुसार, दो आरोपियों को थाने लाने के बाद रात में छोड़ दिया गया। इसके बाद 22 अगस्त को एफआईआर दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया। जांच में इस संबंध में मिली शिकायत सही पाई गई। श्याम सुंदरी देवी की शिकायत में भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे। शिकायत के अनुसार, बंटी कुमार ने हथियार से धमकी दी थी। पुलिस ने उसे पकड़ा, लेकिन आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई करने के बजाय अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच में इस मामले में भी गंभीर अनियमितता पाई गई। शराबबंदी और लंबित मामलों की जांच में भी लापरवाही विभागीय समीक्षा में अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने और शराब की बरामदगी के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने का आरोप सामने आया। वर्ष 2026 के कुछ निषेध मामलों में हथियार बरामद होने के बावजूद आरोपितों की पहचान और अनुसंधान की प्रगति पर भी सवाल उठाए गए। जांच रिपोर्ट में लंबित कांडों के निष्पादन, गिरफ्तारी और वारंटों के निपटारे में कथित लापरवाही का भी उल्लेख है। चुनाव के दौरान गिरफ्तारी और महिला सिपाहियों की व्यवस्था पर सवाल विधानसभा चुनाव के दौरान 6 से 22 अक्टूबर 2025 के बीच की गई गिरफ्तारियों की समीक्षा में 16 दिनों में केवल 14 गिरफ्तारियां दर्ज होने की बात कही गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि इस अवधि में पर्याप्त संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती थी। इसके अलावा, महिला सिपाहियों के लिए बैरक उपलब्ध कराने के निर्देश के बावजूद उचित व्यवस्था नहीं होने का मामला भी सामने आया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, महिला सिपाहियों को सरकारी वाहन के गैराज में रहना पड़ रहा था। शौचालय की कमी के कारण उन्हें पुरुषों के शौचालय का इस्तेमाल करना पड़ रहा था। पुलिस केंद्र, बक्सर रहेगा मुख्यालय पुलिस अधीक्षक के आदेश में इन मामलों को गंभीर मानते हुए नेहा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, बक्सर निर्धारित किया गया है। संबंधित अधिकारियों को आगे की विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
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बक्सर में मुरार थानाध्यक्ष नेहा कुमारी सस्पेंड:भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप; शराबबंदी और महिला सिपाहियों की व्यवस्था में मिलीं अनियमितताएं
