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सीवान के जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में शुक्रवार देर शाम पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट के बाद जिला प्रशासन ने अवैध पटाखा कारोबार के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। जिले में पटाखों के अवैध निर्माण, भंडारण और बिक्री करने वालों की पहचान के लिए 24 और 25 अक्टूबर को विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। शनिवार को डीएम विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी की संयुक्त अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सघन जांच करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है। आलमपुर में हुए ब्लास्ट के बाद पटाखा निर्माण और बिक्री में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। अभियान के दौरान जिले के सभी अंचलों में पटाखा बनाने वालों से लेकर थोक और खुदरा विक्रेताओं तक की जांच की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य ऐसे ठिकानों की पहचान करना है, जहां बिना अनुमति पटाखे बनाए जा रहे हैं या नियमों की अनदेखी कर उनका भंडारण और बिक्री की जा रही है। लाइसेंस से लेकर सुरक्षा मानकों तक की होगी जांच डीएम और एसपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में सभी अंचलाधिकारियों और थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्र में अभियान चलाने का निर्देश दिया। अधिकारियों को पटाखा कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके लाइसेंस और कारोबार से संबंधित जरूरी दस्तावेजों की जांच करनी होगी। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि पटाखों का भंडारण निर्धारित नियमों के अनुसार किया जा रहा है या नहीं। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों का पालन, पटाखों की मात्रा और उन्हें रखने की जगह की भी पड़ताल की जाएगी। बिना वैध लाइसेंस के पटाखों का निर्माण, भंडारण या बिक्री करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान केवल पटाखा बनाने वाली इकाइयों तक सीमित नहीं रहेगा। थोक और खुदरा दुकानदार भी जांच के दायरे में रहेंगे। इससे अवैध कारोबार से जुड़े सभी स्तरों पर कार्रवाई की जा सकेगी। रिहायशी इलाकों में बिक्री पर रहेगी नजर अभियान के दौरान रिहायशी इलाकों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पटाखों की बिक्री पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। ऐसे स्थानों पर पटाखों का कारोबार करने वालों की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई होगी। प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। इसका उद्देश्य अवैध कारोबार पर रोक लगाने के साथ-साथ पटाखों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है। आलमपुर की घटना के बाद प्रशासन की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पटाखों के निर्माण और भंडारण में लापरवाही से आग लगने या विस्फोट होने का खतरा रहता है। ऐसे में लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच के साथ नियमों का पालन कराना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। जब्त पटाखों और बारूद का सुरक्षित निस्तारण होगा जांच अभियान के दौरान यदि अवैध पटाखे या बारूद जब्त किए जाते हैं, तो उनका सुरक्षित तरीके से निस्तारण कराया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया है। निस्तारण के दौरान संबंधित विक्रेता से सहयोग लिया जाएगा। यदि वह सहयोग नहीं करता है, तो प्रशासन सुरक्षित स्थान चिह्नित कर नियमानुसार पटाखों और बारूद को नष्ट कराने की व्यवस्था करेगा। इस प्रक्रिया में सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी होगा, ताकि जब्त सामग्री के कारण किसी तरह की दुर्घटना न हो। प्रशासन का जोर अवैध सामग्री को हटाने के साथ ही उसके सुरक्षित निस्तारण पर भी है। रात 8 से 8:30 बजे तक ही पटाखे फोड़ने की अनुमति प्रशासन ने पटाखों के इस्तेमाल को लेकर न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने पर भी जोर दिया है। जारी निर्देश के अनुसार, पटाखे फोड़ने की अनुमति रात 8 बजे से 8:30 बजे तक ही होगी। इस दौरान केवल हरित पटाखों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। प्रतिबंधित पटाखों के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों को इन नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। दुकानदारों के साथ आयोजकों और आम नागरिकों से भी नियमों का पालन करने की अपील की गई है। दो दिन के अभियान से अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की तैयारी आलमपुर में पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट के बाद शुरू किए गए इस अभियान में प्रशासन की प्राथमिकता अवैध कारोबार की पहचान करना और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना है। 24 और 25 अक्टूबर को होने वाली जांच में जिले के सभी अंचलों और थाना क्षेत्रों को शामिल किया गया है। अब अभियान के दौरान होने वाली जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अवैध पटाखा निर्माण, भंडारण और बिक्री के ठिकानों की कितनी व्यापक जांच होती है और दोषियों के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाई की जाती है।
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सीवान में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद एक्शन में प्रशासन:24-25 अक्टूबर को सभी अंचलों में होगी जांच; अवैध निर्माण, भंडारण-बिक्री करने वालों पर होगी कार्रवाई
