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बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट सबसे हॉट सीट में से एक है। जेडीयू प्रत्याशी और सीटिंग MLC नीरज कुमार ने मोकामा के परशुराम स्थान में पूजा-अर्चना के बाद अपनी जीत का दावा किया। उन्होंने कहा, ‘विरोधियों के तमाम आक्रमण के बावजूद मैं न किसी को डराता हूं और न किसी से घबराता हूं। उन्होंने आगे कहा, ‘हम अड़ने वाले हैं, गिरने वाले नहीं हैं, क्योंकि हम बाबा परशुराम के वंशज हैं। जैसे सूर्य का उगना तय है, वैसे ही चौथी बार NDA उम्मीदवार की जीत तय है।’ पटना स्नातक सीट पर मुकाबले के बीच जेडीयू विधायक अनंत सिंह के जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन ने चुनावी लड़ाई को और चर्चा में ला दिया था। अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर प्रचार कर रहे थे। वहीं, नीरज कुमार ने भी लगातार अपने विरोधियों पर निशाना साधा था। दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग, नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने और अनंत सिंह के आरोपों ने इस चुनाव को खासा चर्चित बना दिया था। नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ी, मेदांता के ICU में हुए थे भर्ती पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार की तबीयत चुनाव से तीन दिन पहले बिगड़ गई थी। हार्ट की परेशानी के बाद उन्हें सोमवार देर रात मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें ICU में रखा गया था। मंगलवार शाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और डिप्टी सीएम विजय चौधरी उनका हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे थे। नीरज कुमार पहले से ही हार्ट के मरीज रहे थे। हालांकि, उनकी बीमारी को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। मतदान से ठीक पहले उनकी तबीयत बिगड़ने से समर्थकों की चिंता बढ़ गई थी। अनंत सिंह ने बीमारी पर उठाए थे सवाल नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने पर अनंत सिंह ने तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि यह उनकी पुरानी आदत थी। अनंत सिंह ने आरोप लगाया था कि बूथ पर पैसा भेजने की जरूरत पड़ने पर नीरज कुमार बीमार हो जाते थे, अस्पताल में भर्ती हो जाते थे और दो घंटे बाद ठीक होकर लौट आते थे। यह अनंत सिंह का आरोप था, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। अनंत सिंह कर रहे थे जन सुराज प्रत्याशी का समर्थन अनंत सिंह खुलकर जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। वह नीरज कुमार के खिलाफ कई बार बयान दे चुके थे। दूसरी ओर, नीरज कुमार भी बिना नाम लिए अनंत सिंह पर पलटवार कर चुके थे। दोनों नेताओं के बीच विवाद की जड़ पुराने राजनीतिक विरोध और विधानसभा चुनाव के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ प्रचार करने की शिकायतों में थी। अनंत सिंह का आरोप था कि नीरज कुमार ने उनके विधानसभा चुनावों में विरोध किया था, लेकिन उस समय पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। बाढ़ में नीरज ने कहा था- मैं डरने वाला नहीं, अड़ने वाला हूं पटना के बाढ़ में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नीरज कुमार ने बिना नाम लिए अपने विरोधियों पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था, ‘मैं आपके बीच न्याय मांगने आया हूं। क्या मैं अपराधी हूं, गुंडा हूं? बार-बार मेरा चरित्र हनन किया जा रहा है।’ तीन बार विधान परिषद सदस्य रह चुके नीरज कुमार ने कहा था, ‘मैं डरने वाला नहीं, अड़ने वाला हूं।’ उन्होंने खुद को पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति ईमानदार बताते हुए लोगों से पूछा था कि जो उन्हें 30-40 साल से जानते थे, वे बताएं कि क्या वह अपराधी थे। नीरज कुमार ने कहा था कि कोई उन्हें कितनी भी गाली दे, इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता था। लेकिन नीतीश कुमार पर राजनीतिक या अनैतिक हमला वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने विरोधियों को संदेश दिया था कि नीतीश कुमार पर हमला करने वालों को जवाब देने से वह पीछे नहीं हटेंगे। बोले थे- कभी कहते हैं ललन सिंह ने फंसाया, कभी लेसी सिंह ने नीरज कुमार ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा था कि कभी ललन सिंह पर उन्हें फंसाने का आरोप लगाया जाता था, तो कभी लेसी सिंह पर। उन्होंने कहा था, ‘कोई किसी को नहीं फंसाता, उसके कर्म फंसाते हैं। मुझे कोई राजनीतिक संरक्षण नहीं मिला। जब मुझ पर आरोप लगा तो मैंने पुलिस को प्रमाण दिया।’ अनंत सिंह ने कहा था- नीतीश के लिए 9 लोगों की कुर्बानी दी, गोली तक खाई नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले अनंत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा जताई थी। उन्होंने कहा था, ‘मैं नीतीश कुमार को मानता हूं। उन्होंने बिहार को बनाया है। मैं उनका दीवाना हूं। उनके लिए 9 लोगों की कुर्बानी दी। गोली तक खाई।’ अनंत सिंह ने आरोप लगाया था कि नीरज कुमार ने चार विधानसभा चुनावों में उनका विरोध किया था, लेकिन पार्टी ने उस समय उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि पार्टी के अनुशासन और नियम सभी नेताओं पर समान रूप से लागू होने चाहिए। ललन सिंह के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं बदला था रुख विवाद को खत्म कराने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह को दी गई थी। 5 अक्टूबर को अनंत सिंह से बातचीत के बाद ललन सिंह ने कहा था कि उनकी कुछ शिकायतें थीं। ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह का कहना था कि विधानसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ प्रचार किया गया था, लेकिन पार्टी ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की थी। ललन सिंह ने माना था कि उस समय प्रदेश इकाई से चूक हुई थी। उन्होंने कहा था, ‘कोई क्रिया होगी तो प्रतिक्रिया भी होगी।’ ललन सिंह ने बताया था कि उन्होंने अनंत सिंह से नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देने को कहा था और अनंत सिंह ने उनकी बात मानने की बात कही थी। हालांकि, इसके बाद भी अनंत सिंह का रुख नहीं बदला था और वह जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करते रहे थे।
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सूर्य का उगना तय, चौथी बार जीत तय- नीरज कुमार:मोकामा में विरोधियों को ललकारा, कहा- मैं डरने वाला नहीं, अड़ने वाला हूं
