Headlines

डीपीई के अधूरे कोर्स पूरा कर सकेंगे शिक्षार्थी:IGNOU ने शुरू की विशेष पहल, निर्धारित समय में कोर्स पूरा नहीं करने वालों को मौका




इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने डिप्लोमा इन प्राइमरी एजुकेशन (डीपीई) कार्यक्रम के उन शिक्षार्थियों को एक बार फिर अपनी अधूरी शैक्षणिक योग्यता पूरी करने का अवसर देने की पहल की है, जो विभिन्न कारणों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना कार्यक्रम पूरा नहीं कर सके थे। इस पहल से ऐसे शिक्षार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी पढ़ाई के कुछ आवश्यक घटक अब तक लंबित हैं। इग्नू के शिक्षार्थि मूल्यांकन प्रभाग की इस पहल के तहत पात्र कैंडिडेट्स को लंबित सैद्धांतिक परीक्षाएं, प्रायोगिक परीक्षाएं, सत्रीय कार्य तथा कार्यक्रम के अन्य शेष घटकों को पूरा करने का अवसर मिल सकेगा। हालांकि, यह सुविधा विश्वविद्यालय के सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति, निर्धारित पात्रता और लागू नियमों के अधीन होगी। क्षेत्रीय केंद्र, पटना ने शिक्षार्थियों से मांगा विवरण इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, पटना के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ई. कृष्णा राव ने कहा कि यह उन डीपीई शिक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जो किसी कारणवश पहले अपना कार्यक्रम पूरा नहीं कर सके थे। उन्होंने ऐसे सभी शिक्षार्थियों से अपील की है कि वे अपना नाम, नामांकन संख्या, संपर्क विवरण और कार्यक्रम से संबंधित लंबित शैक्षणिक कार्यों की जानकारी क्षेत्रीय केंद्र, पटना को उपलब्ध कराएं, ताकि उनके मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके। क्षेत्रीय केंद्रों को दिए गए निर्देश विश्वविद्यालय मुख्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार, संबंधित क्षेत्रीय केंद्रों को पात्र शिक्षार्थियों तक इस विशेष अवसर की जानकारी पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही, शिक्षार्थियों से प्राप्त आवेदन और अनुरोधों को आवश्यक कार्रवाई के लिए इग्नू मुख्यालय के विद्यार्थी मूल्यांकन प्रभाग को भेजा जाएगा। शिक्षार्थियों के लिए जरूरी सूचना इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, पटना के अंतर्गत आने वाले इच्छुक डीपीई शिक्षार्थी अपने व्यक्तिगत विवरण और लंबित शैक्षणिक कार्यों की जानकारी क्षेत्रीय केंद्र को उपलब्ध कराएं। आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और आगे के निर्देशों के संबंध में शिक्षार्थी क्षेत्रीय केंद्र, पटना से संपर्क कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की इस पहल का उद्देश्य उन शिक्षार्थियों को अपनी अधूरी शैक्षणिक योग्यता पूरी करने का अवसर देना है, जो निर्धारित अवधि में डीपीई कार्यक्रम पूरा नहीं कर पाए थे। इससे संबंधित शिक्षार्थियों को अपने लंबित शैक्षणिक कार्य पूरे कर कार्यक्रम पूर्ण करने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *