Headlines

गयाजी के गांधी मैदान में रावण वध कार्यक्रम:मुस्लिम कारीगार जफर आलम बना रहे 60 फीट का पुतला; इलेक्ट्रॉनिक पटाखों का होगा इस्तेमाल




गयाजी शहर के गांधी मैदान में दशहरा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। यहां 60 फीट ऊंचे रावण, 55 फीट के कुंभकरण और 50 फीट के मेघनाथ के पुतले तैयार किए जा रहे हैं। कारीगर पुतलों को अंतिम रूप दे रहे हैं। इस बार रावण दहन के लिए इलेक्ट्रॉनिक पटाखों का इस्तेमाल होगा। सुरक्षा के लिए पटाखों को ऊंचाई पर लगाया जा रहा है, जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जलाया जाएगा। 60-65 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। इन पुतलों को पिछले 36 सालों से शहर के मोहम्मद जफर आलम बना रहे हैं। उनके लिए यह काम सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द की मिसाल भी है।
इलेक्ट्रॉनिक पटाखों से होगा रावण दहन इस बार रावण के पुतले में इलेक्ट्रॉनिक पटाखों की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा को देखते हुए पटाखों को ऊंचाई पर लगाया जा रहा है। लाइन के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पटाखे जलाए जाएंगे। इससे रावण दहन के दौरान पटाखों को नियंत्रित तरीके से चलाने में मदद मिलेगी। 60 से 65 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद गांधी मैदान में रावण दहन का आयोजन श्री दशहरा चैरिटेबल ट्रस्ट कमेटी की ओर से किया जाता है। इस बार आयोजन में करीब 60 से 65 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ट्रस्ट कमेटी के मीडिया प्रभारी रंजीत ब्रह्मपुरिया ने बताया कि गांधी मैदान में बैरेकेडिंग का काम पूरा कर लिया गया है। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में लाइटिंग की व्यवस्था को भी बेहतर किया गया है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि असामाजिक तत्वों और हुड़दंग करने वालों पर नजर रखी जा सके।
भीड़ की निकासी के लिए सभी गेट खोले जाएंगे रंजीत ब्रह्मपुरिया ने बताया कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की एक साथ निकासी होगी। इसे देखते हुए मैदान के सभी गेट खोल दिए गए हैं, ताकि लोगों को बाहर निकलने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो और भीड़ के दबाव की स्थिति न बने। सोमवार शाम तक मैदान की व्यवस्था सिविल लाइंस थाना पुलिस को सौंप दी जाएगी। इसके बाद पुलिस सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालेगी।गांधी मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतले अब अंतिम रूप ले रहे हैं। ऐसे में दशहरा के दिन यहां होने वाला रावण दहन गया शहर के लोगों के लिए एक बार फिर आकर्षण का केंद्र रहने वाला है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *