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अररिया में ट्रक तहखाने से 4401 लीटर विदेशी शराब बरामद:पुलिस ने चालक-खलासी को पकड़ा, मुजफ्फरपुर के रहने वाला है आरोपी




बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद तस्करी का धंधा जारी है। अररिया के जोकीहाट में पुलिस ने शराब तस्करी के बड़े मामले का खुलासा करते हुए 4401 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। शराब को 12 चक्का ट्रक के अंदर बनाए गए तहखाने में छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने ट्रक चालक और खलासी को गिरफ्तार किया है। दोनों मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस अब शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसकी डिलीवरी कहां होनी थी, इसका पता लगाने में जुटी है। रानी चौक पर वाहन जांच में पकड़ा गया ट्रक सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने रविवार शाम अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जोकीहाट पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रानी चौक के रास्ते विदेशी शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इसके बाद जोकीहाट थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रानी चौक के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान संदिग्ध ट्रक (BR01 GQ 9582) को रोककर तलाशी ली गई। जांच में ट्रक के अंदर बने तहखाने से रॉयल मैंशन गोल्ड व्हिस्की बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक, शराब की कुल मात्रा 4401 लीटर है। मुजफ्फरपुर के चालक और खलासी गिरफ्तार पुलिस ने ट्रक चालक कपिल कुमार और खलासी शत्रुधन कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना क्षेत्र के बहिलवारा भूअली उत्तरी गांव के निवासी बताए गए हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है, ताकि शराब की खेप के स्रोत और इसे पहुंचाने वाले लोगों की जानकारी मिल सके। एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले में जोकीहाट थाने में बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है। दो महीने में करीब 19 हजार लीटर शराब बरामदगी का दावा एसडीपीओ सुशील कुमार के अनुसार, जोकीहाट थाना पुलिस ने अगस्त में करीब 9 हजार लीटर और सितंबर में करीब 10 हजार लीटर विदेशी शराब बरामद की थी। इस तरह पुलिस के दावे के मुताबिक, दो महीने में करीब 19 हजार लीटर शराब जब्त की गई। नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे अररिया जिले में शराब तस्करी पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। ताजा कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच का मुख्य फोकस तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाना और इसमें शामिल अन्य लोगों तक पहुंचना है।



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