मेरठ54 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

मेरठ में 18 महीने पहले पति की हत्या कर सांप से डसवाने वाली रविता को आज सजा सुनाई जाएगी। उसके प्रेमी अमरदीप की सजा का भी ऐलान होगा। दोनों को मुस्कान की तरह फांसी की सजा मिलेगी या उम्रकैद होगी, इस पर सभी की नजर है।
17 अप्रैल, 2025 की रात रविता ने प्रेमी के साथ मिलकर पति अमित कश्यप को गला घोटकर मार डाला था। इसके बाद इसे सांप डसने से हुई मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया था।
अमित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोटकर हत्या करने की बात सामने आई थी। सपेरों ने भी बताया कि बिस्तर पर मिला सांप घोड़ा बछाड़ था, जिसके दांत भी नहीं थे। उसके डसने से मौत नहीं हो सकती।
हत्या के 60 दिन बाद कोर्ट में पुलिस ने केस की चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसके बाद एसीजेएम-12 जयवीर सिंह नागर की कोर्ट में 551 दिन में 87 तारीखें और 12 से ज्यादा गवाहों के बयान हुए। 7 अक्टूबर को कोर्ट ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था।

तस्वीर 7 अक्टूबर की है, जब कोर्ट ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। नीले ड्रम वाली मुस्कान को गिरफ्तार करने वाली महिला दरोगा अनु कॉलिस रविता को लेकर कोर्ट पहुंची थीं।
लंच के बाद हो सकती है सजा, कोर्ट में पेश होंगे रविता-अमरदीप
रविता और अमरदीप को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। लंच से पहले बहस होगी। इस दौरान दोनों दोषी कोर्ट रूम में मौजूद रहेंगे। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी फरजाना मकसूद, रविता-अमरदीप के वकील ओंकार सिंह भाटी और मृतक अमित के वकील अपनी दलीलें रखेंगे। बहस करीब एक घंटे चल सकती है।
इस दौरान जज रविता और अमरदीप से भी सवाल पूछ सकते हैं। अभियोजन पक्ष मृत्युदंड की मांग करेगा, जबकि बचाव पक्ष रविता और अमरदीप के हक में दलीलें देगा। इसके बाद जज जयवीर सिंह नागर सजा सुना सकते हैं।

सपेरे ने लाश के नीचे से सांप को पकड़ कर वन विभाग को सौंप दिया था।
जेल में रविता-अमरदीप की काउंसिलिंग हुई
जेल में रविता और अमरदीप का व्यवहार सामान्य है। दोनों समय पर खाना खा रहे हैं, सो रहे हैं। जेल के नियमों का पालन कर रहे हैं। रविता जेल में खाना बनाने और सफाई का काम करती है। वह मेहंदी लगाने में भी माहिर है। पिछले दिनों हरियाली तीज पर जेल में आयोजित मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता में उसने पहला पुरस्कार जीता था।
वहीं, अमरदीप जेल में खेल के सामान बनाने का काम करता था। दोनों को जब मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बारे में पता चला, तो वे थोड़े परेशान हुए। लेकिन, बाद में सामान्य हो गए। हालांकि, जेल प्रशासन ने दोनों की निगरानी बढ़ा दी है। उनकी काउंसिलिंग कराई गई, जिसमें मानसिक स्थिति सामान्य मिली।
अमित की मां बोली- हत्यारी बहू, उसके प्रेमी को फांसी हो
अमित की मां मुनेश देवी ने कहा- जिस बेरहमी से मेरे बेटे की हत्या कर सांप से डसवाया, मैं चाहती हूं कि हत्यारी बहू और उसके प्रेमी को फांसी हो। जैसे उसने मेरे बेटे को तड़पाया, वैसे वो भी तड़पकर मरे। तभी मेरी आत्मा को शांति मिलेगी। बेरहम बहू रविता ने अपना सुहाग उजाड़कर 3 बच्चों को अनाथ कर दिया।
मां ने कहा- अमित के जाने के बाद हर पल मुझे अपने बेटे की हंसी-बोली रुला रही है। उसके तीनों मासूम बच्चे आज भी पूछते हैं कि हमारे पापा कहां हैं? मम्मी कहां हैं?
बेटे की हत्या के सदमे को उसके पिता भी बर्दाश्त नहीं कर सके। उन्होंने भी घुट-घुटकर दम तोड़ दिया। मैं चाहती हूं कि बेटे के हत्यारों को फांसी हो। अगर फांसी नहीं हुई, तो मैं हाईकोर्ट में अपील करूंगी। मैं अपने मासूम पोते-पोतियों और खुद को न्याय दिलाकर रहूंगी।

यह 7 अक्टूबर की तस्वीर है, जब रविता को कोर्ट में पेश किया गया था। अमित के भाई संदीप और मां मुनेश देवी भी कोर्ट पहुंचे थे। मां बेटे को याद कर रोने लगी थी।
भाई बोला- रविता को साथ नहीं रहना था तो छोड़ देती, मारा क्यों
अमित के भाई संदीप ने कहा- रविता को अगर अमित के साथ नहीं रहना था, तो वह बता भी सकती थी। अमित को छोड़ सकती थी। लेकिन, उसने मेरे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। पोस्टमॉर्टम में भी यही पुष्टि हुई है कि अमित की गला दबाने से मौत हुई है।
हम चाहते हैं कि फांसी से कम सजा नहीं हो। अमित के बच्चों ने कहा कि हमें मां (रविता) की याद नहीं आती। हमें अपनी दादी के पास ही रहना है।
3 बड़े सबूत, जो बने सजा के आधार
जिस सपेरे से दोनों ने सांप खरीदा था। कोर्ट में उसने बताया कि अमरदीप ने देवी जागरण में पूजा की बात कहकर सांप लिया था। ये एक बूढ़ा और घोड़ा पछाड़ सांप था, जिसके दांत भी नहीं थे। इस सांप के काटने से किसी की मौत नहीं हो सकती।
अमित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चेहरे और हाथों में खरोंचने के निशान मिले। चोटें और गला दबाकर दम घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। सांप का जहर नहीं मिला।
केस में अहम गवाही फोन कंपनियों की भी थी। क्योंकि, इस केस में सजा का प्रमुख आधार दोनों की मोबाइल पर हुई बातचीत बना है। जिस नंबर से अमरदीप, रविता से बात करता था वो नंबर उसके नाम नहीं था। बल्कि ये नंबर और मोबाइल जागृति विहार में रहने वाले एक युवक के नाम था।
अमित की हत्या से 24 घंटे के अंदर रविता-अमरदीप में 65 बार फोन कॉल और वॉट्सएप कॉल पर बातचीत हुई। इससे पहले इसी नंबर से दोनों 6 महीने में 2 हजार बार से ज्यादा कॉल कर चुके थे। देर रात बातचीत की कॉल डिटेल भी मिली थी।
अब पति की हत्या और सांप से डसवाने की पूरी कहानी, पढ़िए

अमित की कमर के नीचे पत्नी और उसके प्रेमी ने सांप दबाकर रखा था।
- अमित कश्यप बहसूमा थाना के गांव अकबरपुर सादात का रहने वाला था। अमरदीप, अमित के साथ टाइल्स-पत्थर लगाने का काम करता था। उसका अमित के घर आना-जाना था। इस दौरान अमरदीप का रविता से अफेयर हो गया। अमित को इसकी भनक लग गई थी। इसके बाद रविता और अमरदीप ने उसकी हत्या की साजिश रची।
- दोनों ने एक सपेरे से 1000 रुपए में सांप खरीदा। 17 अप्रैल, 2025 की रात अमित के सोने के बाद रविता ने बॉयफ्रेंड अमरदीप को फोन करके बुलाया। दोनों ने अमित की हत्या कर दी, फिर बिस्तर पर सांप छोड़ दिया। इसके बाद बॉयफ्रेंड को वहां से भगा दिया और खुद दूसरे कमरे में सोने चली गई।
- सुबह जब घरवाले उठे, तो देखा कि अमित की मौत हो चुकी थी। शरीर पर सांप के डसने के निशान थे। घरवालों को लगा कि अमित की मौत सांप के डसने से हुई है। घरवालों ने सपेरे को बुलवाया। वह सांप को पकड़कर अपने साथ ले गया।
- अमित के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। उसके शरीर पर सांप के डसने के 10 निशान मिले। 5 दिन बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई। इसमें पता चला कि अमित की मौत सांप के डसने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी।
- शक के आधार पर पुलिस ने पहले रविता को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बॉयफ्रेंड का नाम बताया। फिर पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया। बाद में जांच में यह भी पता चला था कि जिस सांप से डसवाया गया था, वह न जहरीला था, न ही उसके दांत थे। तब से रविता मेरठ जेल में बंद हैं। प्रेमी अमरदीप जमानत पर बाहर आया था, लेकिन 7 अक्टूबर को दोषी ठहराए जाने के बाद उसे फिर से जेल में बंद कर दिया गया है।
—————————
ये खबर भी पढ़ें-
मुस्कान-साहिल को सजा-ए-मौत लिख जज ने पेन फेंका, लिखा- फांसी पर तब तक लटकाओ, जब तक मौत न हो

“दोषी (मुस्कान-साहिल) की गर्दन में फांसी लगाकर तब तक लटकाया जाए, जब तक मौत न हो जाए।” मेरठ जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने बुधवार शाम 4.22 बजे यह फैसला सुनाया। फैसला सुनते ही कोर्ट रूम में कुर्सी पर बैठी सौरभ की मां और भाई रोने लगे। सौरभ की मां ने हाथ जोड़ते हुए कोर्ट को शुक्रिया किया। वो साड़ी के पल्लू से अपने आंसू पोंछने लगीं। पढ़ें पूरी खबर…

