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मुजफ्फरपुर में बेटी की मौत के बाद शव को प्लास्टिक में लपेटकर खेत में गाड़ दिया। किसी को शक नहीं हो, इसलिए अगले दिन उसी जगह आम का पौधा लगा दिया। इसके बाद जरूरी काम का बहाना बनाकर मंझली बेटी के साथ राजस्थान चली गई। करीब डेढ़ माह तक जमीन के नीचे दफन इस राज का पता नहीं चला। किशोरी के लापता होने के मामले की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिला तो बुधवार को बाढ़ के पानी के बीच करीब सात घंटे तक खुदाई करनी पड़ी। इसके बाद आम के पौधे के नीचे दफन पलक कुमारी का शव बरामद हुआ। मामला जजुआर थाना क्षेत्र के डुमरी गांव का है। पुलिस ने मृतका की मां समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस की मौजूदगी में निकाला शव बुधवार को कटरा के अंचलाधिकारी की मौजूदगी में जजुआर और कटरा थाने की पुलिस के साथ एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। खेत में चारों तरफ पानी होने और मिट्टी की स्थिति के कारण शव निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मौत की असली वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। मां बोली- प्रेम प्रसंग में अनबन के बाद बेटी ने की खुदकुशी पुलिस की पूछताछ में मां ने दावा किया कि उसकी नाबालिग बेटी ने प्रेम प्रसंग में अनबन के बाद एक सितंबर को खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद उसने गांव के एक व्यक्ति समेत दो अन्य लोगों के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। रात में खेत में गड्ढा खोदकर शव को प्लास्टिक में लपेटकर दफना दिया गया। अगले दिन भैरव स्थान से आम का पौधा लाकर उसी जगह लगा दिया, ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, मां के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पलक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को छिपाने में किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस के अनुसार, मां की गांव के एक व्यक्ति से नजदीकी होने की बात भी सामने आई है। शव ठिकाने लगाने में मझली बेटी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पलक तीन बहनों में सबसे छोटी थी। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। उसके पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई गई है। पलक औराई थाना क्षेत्र के रामपुर स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ाने का काम करती थी। लापता होने के बाद बंद मिला घर, राजस्थान से लौटने पर पूछताछ करीब 15 दिन पहले पलक के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली थी। जांच के दौरान जजुआर पुलिस उसके घर पहुंची तो वहां ताला बंद मिला। दो दिन पहले परिवार के राजस्थान से लौटने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मां और उसकी मझली बेटी को पूछताछ के लिए थाने ले गई। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर बुधवार को खेत में खुदाई कराई गई, जहां से शव बरामद हुआ। जजुआर थानाध्यक्ष रौशन मिश्रा ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस को गुमराह किया और शव को ठिकाने लगाया गया। उन्होंने कहा कि हत्या के मामले में सभी को जेल भेजा जाएगा। हालांकि, मौत की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज गांव के चंद्र भूषण चौधरी ने बताया कि पलक के लापता होने के बाद से ही उसकी हत्या की आशंका थी। उन्होंने परिवार के व्यवहार को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि उनका परिवार से विवाद चल रहा है। वहीं, ग्रामीण उपेंद्र चौधरी ने बताया कि पलक कई दिनों से लापता थी। शव नहीं मिलने के कारण उसकी मौत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। अब शव मिलने के बाद पुलिस जांच से ही पता चलेगा कि मामला हत्या का है या खुदकुशी का। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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मुजफ्फरपुर- बेटी का शव दफनाकर ऊपर लगाया आम का पौधा:डेढ़ माह बाद खुला राज, 7 घंटे खुदाई के बाद निकला शव; मां समेत 3 हिरासत में
