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खगड़िया में अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला प्रशासन, खगड़िया की ओर से विशेष कार्यक्रम सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आपदा मित्रों, स्वयंसेवकों,पदाधिकारियों एवं कर्मियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने, आपदा पूर्व तैयारी को मजबूत करने और सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम के दौरान जिले में बाढ़ पूर्व तैयारी, राहत एवं बचाव कार्य,तटबंधों की सुरक्षा,स्वास्थ्य सेवाओं,राहत सामग्री वितरण और जन-जागरूकता जैसी गतिविधियों में सराहनीय योगदान देने वाले लोगों के कार्यों की प्रशंसा की गई। इस दौरान उनके समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभाव को रेखांकित करते हुए आपदा प्रबंधन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की गई। आपदा के दौरान स्वयंसेवकों की भूमिका अहम कार्यक्रम में आपदा मित्रों, स्वयंसेवकों एवं अन्य प्रतिभागियों ने आपदा के दौरान किए गए कार्यों और अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बाढ़ जैसी विषम परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य के दौरान आने वाली चुनौतियों, स्थानीय समुदाय के सहयोग और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने से जुड़े अनुभव बताए। इन अनुभवों के माध्यम से आपदा प्रबंधन में जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वयंसेवकों की अहम भूमिका सामने आई। आपदा से पहले तैयारी करना भी जरूरी : डीएम कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने आपदा मित्रों, स्वयंसेवकों, पदाधिकारियों एवं कर्मियों के सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आपदा के समय प्रशासनिक व्यवस्था के साथ स्थानीय स्वयंसेवकों और आपदा मित्रों की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। कठिन परिस्थितियों में उनका साहस, तत्परता और सेवाभाव आपदा प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल आपदा आने के बाद राहत एवं बचाव कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा से पहले जोखिमों की पहचान करना, प्रभावी तैयारी करना, समय पर चेतावनी देना और संभावित नुकसान को कम करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। बेहतर पूर्व तैयारी, विभागों के बीच समन्वय, आधुनिक तकनीक, जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से आपदाओं के दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील है खगड़िया जिला जिलाधिकारी ने खगड़िया जिले की बाढ़ संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए कहा कि बाढ़ प्रबंधन के लिए निरंतर सतर्कता, तटबंधों की निगरानी, समय पर सूचना का प्रसार, सुरक्षित निकासी की व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपदा मित्रों और स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी केवल आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामान्य परिस्थितियों में भी लोगों को जागरूक करना और सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मियों और स्वयंसेवकों को भविष्य में भी इसी समर्पण एवं सक्रियता के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जान-माल की क्षति को किया जा सकता कम साथ ही आपदा पूर्व तैयारी को सुदृढ़ करने, जन-जागरूकता बढ़ाने और समुदाय आधारित आपदा जोखिम न्यूनीकरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। प्रशासन, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से आपदा के दौरान जान-माल की क्षति को कम किया जा सकता है। अंत में जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में योगदान देने वाले सभी आपदा मित्रों, स्वयंसेवकों, पदाधिकारियों एवं कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए खगड़िया को अधिक सुरक्षित, जागरूक और आपदा-सक्षम जिला बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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आपदा मित्रों और कर्मियों को किया गया सम्मानित:खगड़िया में अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर सम्मान समारोह
