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मुजफ्फरपुर में साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। गिरोह के सदस्यों ने खुद को सीबीआई और पुलिस अधिकारी बताकर रागिनी देवी को फोन किया और परिवार के सदस्य की गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे 3 लाख 47 हजार 999 रुपए ठग लिए। मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से टीपू कुशवाहा को गिरफ्तार किया है। उसके पास से ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल बरामद हुआ है। पीड़िता के खाते से ठगी गई रकम में से 2 लाख 64 हजार 748 रुपए होल्ड करा दिए गए हैं। इसे जल्द ही पीड़िता को वापस कराने की प्रक्रिया की जाएगी। व्हाट्सएप नंबरों से फोन किया था साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने पीसी में बताया कि पिछले कई दिनों से साइबर अपराधी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को फोन कर रहे हैं। रागिनी देवी को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबरों से फोन किया था। साइबर थाना कांड संख्या 140/26, दिनांक 8 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया था। विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और विभिन्न बैंकों में इस्तेमाल किए गए म्यूल खातों का विश्लेषण किया। इसके बाद ठगी में इस्तेमाल बैंक खाते के धारक टीपू कुशवाहा की पहचान हुई। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। दूसरे राज्यों में भी दर्ज हैं शिकायतें साइबर डीएसपी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के बैंक खाते के खिलाफ अन्य राज्यों से भी शिकायतें दर्ज मिली हैं। इससे इस खाते के जरिए दूसरे साइबर ठगी के मामलों में भी लेन-देन होने की आशंका है। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास और अन्य संभावित कड़ियों की जांच कर रही है। उसके खिलाफ बरियारपुर थाना के देवरिया में मारपीट और एससी-एसटी एक्ट से जुड़ा मामला भी दर्ज है। पुलिस के अनुसार, इस साइबर ठगी में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
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मुजफ्फरपुर में डिजिटल अरेस्ट कर 3.47 लाख की ठगी:यूपी से एक गिरफ्तार, आरोपी ने खुद को सीबीआई और पुलिस अधिकारी बताकर डराया था
