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मणिपुर में फिर हिंसा, 5 लोगों की मौत:कामजोंग-उखरुल में कुकी-नगा गुटों में झड़प, 10 घर जलाए




मणिपुर में शनिवार को ताजा हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई। इनमें एक महिला भी शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, कामजोंग और उखरुल जिलों में हथियारबंद गुटों के बीच झड़प हुई। कामजोंग के नगा बहुल जिले में कुकी बहुल चस्साड गांव में 22 वर्षीय युवक और 42 वर्षीय महिला की मौत हुई। महिला पांच बच्चों की मां थी। शुक्रवार रात उसकी गर्दन के पास गोली मारी गई थी। महिला की हत्या के बाद कुकी और नगा हथियारबंद गुटों में गोलीबारी शुरू हो गई। यह गोलीबारी शनिवार सुबह तक चली। इस दौरान 10 घर भी जला दिए गए। कामजोंग की एक अन्य घटना में संदिग्ध उग्रवादियों ने म्यांमार सीमा के पास निंगचोउ गांव में गोलीबारी की। इसमें दो लोगों की मौत हुई। उखरुल में संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में एक व्यक्ति मारा गया। चस्साड गांव में दो मौतें अधिकारियों के मुताबिक, चस्साड गांव कामजोंग जिले में है और यहां कुकी समुदाय की आबादी ज्यादा है। यह जिला नगा बहुल है। शुक्रवार रात 42 वर्षीय महिला को गर्दन के पास गोली लगी। कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। महिला पांच बच्चों की मां थी। इसके बाद कुकी और नगा हथियारबंद गुटों के बीच गोलीबारी शुरू हुई। शनिवार सुबह तक चली इस झड़प में 22 वर्षीय युवक भी मारा गया। 10 घरों को आग लगा दी गई। हिंसा रोकने के लिए जिला प्रशासन ने चस्साड पुलिस गेट जंक्शन के 400 मीटर दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 162 के तहत प्रतिबंध लगा दिया। इन प्रतिबंधों के तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। निंगचोउ गांव में दो लोगों की हत्या कामजोंग में ही संदिग्ध उग्रवादी म्यांमार सीमा के पास स्थित निंगचोउ गांव में घुसे। यह तांगखुल नगा समुदाय की बस्ती है। अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों ने गांव में गोलीबारी शुरू कर दी। इसमें 35 वर्षीय नगाचान्सो निंगशेन और 48 वर्षीय लेइशिशान लेइशाडांग की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षाबल गांव पहुंचे और स्थिति को काबू में किया। स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया कि गोलीबारी के बाद हमलावर म्यांमार की ओर भाग गए। अधिकारियों ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए कामजोंग जिला अस्पताल भेजा गया है। उखरुल में वाहन पर गोलीबारी उखरुल जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने चेपू याओलेन के पास एक वाहन पर गोलीबारी की। इसमें 40 वर्षीय संदीप राय की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, संदीप राय जिस चार पहिया वाहन को चला रहे थे, उसी के अंदर उनकी मौत हुई। कांगपोकपी में भी गोलीबारी कांगपोकपी जिले के मकुई अशांग और तापन में हथियारबंद गुटों के बीच भारी गोलीबारी की भी खबर है। फरवरी में कुकी और नगा समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद अब तक 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। दर्जनों घर जला दिए गए हैं। हिंसा का असर मुख्य रूप से उखरुल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलोंग और नोनी जिलों में रहा है। सेनापति जिले के कुछ हिस्से भी प्रभावित हैं। जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से मणिपुर के सभी जिलों के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबल तलाशी अभियान चला रहे हैं। वे इन इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए क्षेत्र पर नियंत्रण की कार्रवाई भी कर रहे हैं। मैतेई और कुकी-जो समूहों के बीच मई 2023 से जारी जातीय संघर्ष में 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग बेघर हो चुके हैं।



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