Headlines

CAPF General Administration Act 2026


  • Hindi News
  • National
  • CAPF General Administration Act 2026 | IPS Deputation Supreme Court Case

नई दिल्ली3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

देश में CAPF (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) एक्ट 2026 लागू हो गया। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, यह कानून 8 अक्टूबर से प्रभावी है। नया कानून, CAPF में ग्रुप-A जनरल ड्यूटी और दूसरे अधिकारियों की भर्ती, प्रमोशन, डेपुटेशन और सेवा शर्तों का एक जैसा ढांचा तय करता है।

कानून ऐसे समय लागू हुआ है, जब सुप्रीम कोर्ट में हजारों CAPF अफसर इसकी वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। यह कानून संसद ने अप्रैल में पास किया था।

यह कानून CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB में अफसरों की भर्ती और सेवा नियमों को नियंत्रित करेगा। इसके तहत IPS से डेपुटेशन यानी प्रतिनियुक्ति के जरिए अफसरों की नियुक्ति भी की जाएगी।

नए कानून के तहत IPS की डेपुटेशन कितनी रहेगी

  • इंस्पेक्टर जनरल (IG) स्तर के 50% पद IPS अधिकारियों की डेपुटेशन से भरे जाएंगे।
  • एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) स्तर के कम से कम 67% पद डेपुटेशन से भरे जाएंगे।
  • स्पेशल डायरेक्टर जनरल (SDG) और डायरेक्टर जनरल (DG) के पद केवल डेपुटेशन से भरे जाएंगे।

कानून के दायरे में CAPF के 5 सुरक्षा बल

सेंट्रल आर्म्ड प्रोटेक्शन फोर्स एक्ट में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) शामिल हैं।

इन 5 बलों में अफसरों की भर्ती, प्रमोशन, डेपुटेशन और सेवा की अन्य शर्तों को अब इस कानून के तहत नियंत्रित किया जाएगा।

केंद्र ने हाल में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा था कि CAPF में ग्रुप-A जनरल ड्यूटी अफसरों की नियुक्ति अब CAPF (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) एक्ट से नियंत्रित होगी।

केंद्र ने कहा था कि कानून सरकार को भर्ती की प्रोसेस तय करने का अधिकार देता है। इसमें डेपुटेशन से भर्ती और अफसरों की सेवा शर्तें भी शामिल हैं।

कैडर अफसरों ने जताई आपत्ति

इन बलों के कैडर अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं। उन्होंने एक अवमानना याचिका भी दाखिल की है। अफसरों का कहना है कि यह कानून IPS से डेपुटेशन पर आने वाले अफसरों की तुलना में उनके करियर में आगे बढ़ने के मौके खत्म करता है।

इन अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को मई 2025 के फैसले को लागू करने का निर्देश देने की मांग की है। मई 2025 के फैसले में कोर्ट ने कहा था कि CAPF में इंस्पेक्टर जनरल तक के पदों पर IPS अफसरों की डेपुटेशन को दो साल में धीरे-धीरे कम किया जाए।

कोर्ट ने कहा था कि इससे कैडर अफसरों को अधिक अवसर मिलेंगे। देरी से होने वाली उनकी प्रमोशन इन बलों के मनोबल पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।

नए कानून में डेपुटेशन का प्रावधान

नए कानून के तहत इंस्पेक्टर जनरल रैंक के 50% पद IPS से डेपुटेशन के जरिए भरे जाएंगे। एडिशनल डायरेक्टर जनरल स्तर के कम से कम 67% पद डेपुटेशन से भरने का प्रावधान है। स्पेशल डायरेक्टर जनरल और डायरेक्टर जनरल रैंक के पद केवल डेपुटेशन से भरे जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट के 2025 के फैसले में क्या था

यह कानून CAPF में IPS अफसरों के डेपुटेशन पर सुप्रीम कोर्ट के मई 2025 के फैसले से जुड़ा है। पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने अपने 2025 के फैसले का रिव्यू करने की मांग करने वाली केंद्र की याचिका खारिज कर दी थी।

कोर्ट ने कहा था कि CAPF में SAG लेवल तक डेपुटेशन के लिए तय पदों की संख्या समय के साथ धीरे-धीरे कम की जानी चाहिए। इसके लिए अधिकतम दो साल की समय-सीमा तय की गई थी। कोर्ट ने कैडर रिव्यू का भी निर्देश दिया था।

अलग-अलग नियमों की जगह एक कानून

कानून के उद्देश्य और कारणों में कहा गया है कि CAPF की ऑपरेशनल जरूरतें बढ़ी हैं। इससे इन बलों का अलग ढांचा भी डेवलप हुआ है। इसमें कहा गया कि हाल के सालों में अम्ब्रेला कानून नहीं होने से नियम अलग-अलग तरीके से विकसित हुए।

इस वजह से सेवा से जुड़े कई मुकदमे हुए। इससे बलों के कामकाज और प्रशासन में कुछ दिक्कतें पैदा हुईं।

यह कानून पांचों CAPF में ग्रुप-A जनरल ड्यूटी और अन्य अधिकारियों के अलग-अलग नियमों की जगह साझा कानूनी ढांचा लागू करता है।

रिटायर्ड अफसरों ने भी दायर की थी अवमानना याचिका

रिटायर्ड CAPF अफसरों के एक समूह ने तत्कालीन गृह सचिव गोविंद मोहन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। समूह ने उन पर सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2025 के आदेश को लागू नहीं करने का आरोप लगाया था।

समूह ने कहा था कि CAPF की कमान व्यवस्था, सेवा शर्तों और नेतृत्व के अवसरों को प्रभावित करने वाला कोई भी कानूनी हस्तक्षेप मनोबल पर असर डाल सकता है।

उसने कहा था कि इससे देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमा सुरक्षा के लिए जिम्मेदार बलों की संचालन क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

    OpenBuk Bharat (ओपनबुक भारत) आपका भरोसेमंद डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है। हम राष्ट्रीय, प्रादेशिक (बिहार), वाणिज्य, और मनोरंजन जगत की हर बड़ी खबर निष्पक्षता और सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।