Headlines

बांका सदर अस्पताल में बेहोश मिले मरीज, डॉक्टर गायब:कटोरिया विधायक ने इमरजेंसी व्यवस्था पर सवाल उठाए, बोले- समय पर इलाज जरूरी




कटोरिया विधायक पूरनलाल टुडू मंगलवार को बांका सदर अस्पताल पहुंचे और अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था एवं मरीजों को मिल रही चिकित्सा सुविधा का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की स्थिति और चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर विधायक ने नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिलना जरूरी है । विधायक ने बताया कि उनके ही गांव का एक युवक सड़क दुर्घटना में घायल होकर सदर अस्पताल पहुंचा था। बेहोशी की हालत में पड़े दिखे 2 मरीज मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए तत्काल रेफर किया जाना आवश्यक था, लेकिन समय पर रेफर नहीं किया गया। विधायक के अस्पताल पहुंचने के बाद उक्त मरीज को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने इमरजेंसी वार्ड में दो मरीजों को बेहोशी की हालत में पड़े देखा। विधायक के अनुसार, उस समय वहां चिकित्सक मौजूद नहीं थे। उन्होंने अस्पताल कर्मियों से डॉक्टर के बारे में जानकारी ली तो बताया गया कि चिकित्सक करीब 10 बजे अस्पताल पहुंचते हैं। समय की पाबंदी के साथ मरीजों का उपचार करें इस पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आपातकालीन सेवा में चिकित्सकों की मौजूदगी बेहद जरूरी है। मरीज की हालत कभी भी गंभीर हो सकती है और ऐसी स्थिति में उपचार में थोड़ी भी देरी गंभीर परिणाम का कारण बन सकती है। विधायक पूरनलाल टुडू ने कहा कि अस्पताल को सरकारी कार्यालय की तरह नहीं चलाया जा सकता, जहां निर्धारित समय के अनुसार कर्मचारी आते-जाते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीज इलाज और तत्काल चिकित्सा सहायता की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में आपातकालीन वार्ड में चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमारी या दुर्घटना में किसी मरीज की स्थिति कब बिगड़ जाए, इसका कोई भरोसा नहीं होता। इसलिए चिकित्सकों को समय की पाबंदी के साथ मरीजों का उपचार करना चाहिए। ”किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए” उन्होंने अस्पताल की रेफरल व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। विधायक ने कहा कि गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें बेहतर इलाज मिल सके। रेफर करने में देरी मरीज के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। विधायक ने कहा कि सदर अस्पताल की व्यवस्था और चिकित्सकों की कार्यप्रणाली से वह संतुष्ट नहीं हैं। निरीक्षण के दौरान जो स्थिति सामने आई है, उसकी जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित रूप से दी जाएगी। चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। विधायक ने कहा कि सदर अस्पताल जिले के लोगों के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से गंभीर मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, समय पर उपचार और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेफरल की व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्था में सुधार और चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *