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देश के चार राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कल उपचुनाव होगा। इसमें पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की दो-दो विधानसभा सीटें शामिल हैं। वहीं पुडुचेरी में एक विधानसभा और असम में एक लोकसभा सीट पर वोटिंग होगी। सबसे अहम पश्चिम बंगाल है जहां 15 साल में पहली बार ऐसा चुनाव होगा। जब ममता बनर्जी राज्य में न तो सीएम हैं, न ही विधायक और न उम्मीदवार। मई में आए विधानसभा चुनाव रिजल्ट में TMC सत्ता से बाहर हो गई थी। ममता भी अपनी सीट हारी थीं। पहले चर्चा थी कि वे नंदीग्राम से उपचुनाव लड़ सकती हैं लेकिन उन्होंने वहां से संचिता प्रधान को टिकट दिया। बाद में संचिता चुनाव से पीछे हट गईं। अब इस सीट पर ममता का कोई कैंडिडेट नहीं है। बंगाल में दूसरी सीट रेजीनगर पर वोटिंग होगी। सभी सीटों पर रिजल्ट 9 अक्टूबर को होगा। बंगाल उपचुनाव: ममता जिस कांग्रेस कैंडिडेट को समर्थन दे रहीं, वो भी जमानत पर नंदीग्राम सीट पर कैंडिडेट संचिता प्रधान के नामांकन वापसी के बाद ममता के पास सिर्फ कांग्रेस उम्मीदवार को सपोर्ट करने का ऑप्शन बचा। इस सीट से कांग्रेस ने मिलन प्रधान को टिकट दिया। जिन्हें पुलिस ने पुराने केस में गिरफ्तार किया। फिलहाल वो जमानत पर हैं। वहीं भाजपा ने इस सीट से शुभेंदु के पीए रहे चंद्रनाथ रथ की मां को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ रथ की 6 मई 2026 को हत्या कर दी गई थी। नंदीग्राम TMC और भाजपा, दोनों के लिए अहम सीट नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। 2021 में ममता ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। अधिकारी BJP में शामिल होने के बाद TMC के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले। रेजीनगर में मुश्किल मुकाबला; BJP, कांग्रेस, ममता, हुमायूं के कैंडिडेट रेजीनगर में BJP, कांग्रेस, TMC के दोनों धड़ों, CPI(M) और हुमायूं कबीर की पार्टी जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) मैदान में हैं। रेजीनगर मुस्लिम बहुल सीट है। BJP के शंकराव सरकार को छोड़कर सभी प्रमुख उम्मीदवार मुस्लिम हैं। कांग्रेस से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी, TMC से रबीउल आलम चौधरी और AJUP से हुमायूं कबीर के बेटे गोलाम नबी आजाद चुनाव लड़ रहे हैं। हुमायूं कबीर का आरोप है कि पुलिस उनके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रही है और चुनाव प्रचार में रुकावट डाली जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से भी शिकायत की है। हुमायूं ने खुद को प्रचार से यह कहकर हटा लिया पुलिस उत्पीड़न के बीच प्रचार नहीं कर सकते।
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प.बंगाल की दो सीटों पर कल उपचुनाव:15 साल में पहली बार ममता न सीएम-विधायक, न उम्मीवार; तमिलनाडु-असम-पुडुचेरी में भी वोटिंग
