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जीविका के 20 साल पूरे, पटना में आज ‘नीतीश संवाद’:नीतीश कुमार जदयू ऑफिस पहुंचे, महिलाओं के आर्थिक बदलाव और उपलब्धियों पर हो रही चर्चा




जदयू की ओर से आज प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में ‘नीतीश संवाद-जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम आयोजित गया है। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद हैं। इस कार्यक्रम में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी, मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में जीविका के 20 वर्षों के सफर और इससे जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों पर चर्चा हो रही है। 2006 में शुरू हुआ था जीविका का सफर बिहार में जीविका कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2006 में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते हुई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें बचत, बैंकिंग, ऋण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। धीरे-धीरे जीविका का नेटवर्क पूरे बिहार में फैलता गया। राज्य सरकार के मुताबिक, अब 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से 1.8 करोड़ से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हैं। जीविका मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान 20 साल के सफर में जीविका मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। वर्ष 2011 में जीविका से जुड़े कार्य के लिए बिहार के तत्कालीन मुख्य सचिव अनूप मुखर्जी को SKOCH Challenger Award दिया गया था। इसके बाद जीविका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों, संकुल स्तरीय संघों और महिलाओं को अलग-अलग राष्ट्रीय सम्मान मिले। मधुबनी की विद्यापति जीविका स्वावलंबी सहकारी समिति का भी राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन हुआ। जीविका दीदी को राष्ट्रपति से मिला सम्मान जीविका से जुड़ी महिलाओं ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। वर्ष 2023 में मुजफ्फरपुर की जीविका दीदी बबीता गुप्ता को स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया था। 2025 में बिहार की 21 जीविका दीदियों को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले में आयोजित कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर जीविका के जरिए महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के साथ बैंकिंग, ऋण, प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया गया। 20 साल के इस सफर में जीविका से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक भूमिका भी बढ़ी है। इसी सफर और उपलब्धियों को सामने रखने के लिए पटना में आज ‘नीतीश संवाद-जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।



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