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दरभंगा के कुशेश्वरस्थान पूर्वी और किरतपुर प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ से राहत मिली है, लेकिन लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है। कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड से होकर गुजरने वाली कोसी और कमला बलान नदी के जलस्तर में गिरावट के बाद कई स्थानों पर सड़कें अब भी पानी में डूबी हुई है, इसके कारण आवागमन प्रभावित है। कई गांवों में 2 से 3 फीट तक पानी है। ग्रामीण नाव के सहारे एसएच-56 कुशेश्वरस्थान-फुलतोड़ा सड़क तक पहुंच रहे हैं। इसके बाद वाहनों से आगे का सफर कर रहे हैं। अंचल प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित मार्गों पर 15 नावों का परिचालन कराया जा रहा है। कुछ जगहों पर प्रशासन की ओर से भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 10 जगहों पर खाने की व्यवस्था सीओ राकेश रौशन भारती ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 10 स्थानों पर सामुदायिक किचन चलाया जा रहा है। यहां तैयार भोजन बाढ़ पीड़ितों को उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। संबंधित स्थानों की जांच के बाद जरूरत के अनुसार नाव उपलब्ध कराई जाएगी। विधायक ने बाढ़ प्रभावित गांवों का लिया जायजा इधर, विधायक अतिरेक कुमार ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने सपही, बहवा, चौकीया, उसरी, कोला समेत कई गांवों में पहुंचकर बाढ़ की स्थिति और लोगों की समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणोंने क्षेत्र को बाढ़ प्रभावित घोषित कराने की मांग रखी। विधायक ने लोगों को हरसंभव सरकारी सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। बहवा में कोसी नदी से हो रहे कटाव स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। घनश्यामपुर में कमला के बढ़ते जलस्तर से दर्जनों गांव प्रभावित वहीं, घनश्यामपुर प्रखंड क्षेत्र में रविवार देर रात से कमला नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके कारण कमला नदी के पूर्वी और पश्चिमी तटबंध के बीच बसे दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। बाउर, रसियारी, कामत टोल, कनकी मुसहरी, बुढेब टोल और बैजनाथपुर समेत दर्जनों गांवों की मुख्य सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी जमा है। तटबंधों के बीच स्थित कई विद्यालय भी चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इससे पठन-पाठन प्रभावित है। इसके बावजूद शिक्षक-शिक्षिकाएं तीन से चार फीट पानी के बीच से होकर विद्यालय पहुंच रहे हैं। जहां नाव की व्यवस्था है, वहां शिक्षक नाव के सहारे स्कूल पहुंच रहे हैं। कोसी क्षेत्र में भी जनजीवन प्रभावित किरतपुर प्रखंड क्षेत्र में कोसी नदी के जलस्तर में फिलहाल गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि नदी के दोनों तटबंधों के बीच बसे रघुनाथपुर, रामख्तरिया, चकला, रामपुर, लक्ष्मीपुर, ककोरबा, बरदीपुर, कदवारा, भंडरिया, सिरनिया, भलुवाही और पकरिया समेत कई गांवों में बाढ़ का असर बना हुआ है। गांवों में पानी फैलने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी समस्या मवेशियों के लिए चारा जुटाने की है। कई जगह आवागमन के लिए नाव और पैदल चलना ही लोगों का मुख्य सहारा बना हुआ है।
किरतपुर के अंचलाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि कोसी नदी के जलस्तर में फिलहाल गिरावट हो रही है। प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। वर्तमान में कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर नहीं है।
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दरभंगा में बाढ़ का पानी उतरा, फिर भी राहत नहीं:कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के कई गांवों में सड़क-घर में पानी; नाव के सहारे कट रही जिंदगी
