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मुजफ्फरपुर के कांटी स्थित चंद्रशील विद्यापीठ स्कूल पर 50 लाख रुपए रंगदारी मांगने और फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में एसआईटी ने तुर्की थाना क्षेत्र के खरौनाडीह निवासी अमन रंजन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से घटना में इस्तेमाल की गई बुलेट बाइक और एक मोबाइल बरामद किया है। हालांकि, फायरिंग में इस्तेमाल हथियार अब तक बरामद नहीं हो सका है। पुलिस के अनुसार, अमन ने पूछताछ में घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल से घटना में शामिल अन्य आरोपियों से बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस के अनुसार, अपराधियों की मुख्य मंशा स्कूल निदेशक राजीव रंजन को डराने-धमकाने और रंगदारी वसूलने की थी। फरार आरोपियों और हथियार की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है। तड़के स्कूल पहुंचकर चिपकाया था 50 लाख रंगदारी का पोस्टर घटना 13 सितंबर की सुबह करीब 4:06 बजे की है। पुलिस के अनुसार, अपराधी दो बाइक से स्कूल परिसर के पास पहुंचे थे। करीब चार अपराधियों के वहां पहुंचने की बात जांच में सामने आई है। आरोपियों ने स्कूल पर धमकी भरा पोस्टर चिपकाया और फायरिंग की। मामले में स्कूल के प्राचार्य देबा प्रसाद शर्मा, निवासी कोटपुतली थाना क्षेत्र, जयपुर (राजस्थान) ने कांटी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई थी। 13 सितंबर को हुई फायरिंग की दो तस्वीरें देखिए 500 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले एसआईटी टीम ने घटनास्थल से लेकर संभावित भागने वाले रास्तों के करीब 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के विश्लेषण से पता चला कि दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर कुल चार अपराधी आए थे। पुलिस ने फुटेज को ट्रैक करते हुए अपराधियों के रुकने और भागने के रास्तों का पूरा खाका (मैप) तैयार किया। तकनीकी अनुसंधान और मैनुअल इनपुट के मजबूत तालमेल के आधार पर अंततः अपराधियों की पहचान की गई, जिसके बाद अमन रंजन को धर दबोचा गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य अपराधियों से अमन के मोबाइल फोन के जरिए लगातार बातचीत हो रही थी। फिलहाल पुलिस अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और हथियार की बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। मोबाइल से बातचीत के मिले साक्ष्य पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अमन के मोबाइल की जांच में घटना में शामिल अन्य आरोपियों से बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। पूछताछ में अमन ने भी घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। पुलिस अब मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि घटना में इस्तेमाल हथियार अभी बरामद नहीं हुआ है। हथियार और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जंक्शन पर सफाई का काम करता है अमन पुलिस पूछताछ में अमन रंजन ने बताया है कि वह मुजफ्फरपुर जंक्शन पर साफ-सफाई का काम करता है। पुलिस उसके अन्य संपर्कों और घटना से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। 2019 में भी दर्ज हुआ था केस गिरफ्तार अमन रंजन का पहले से आपराधिक इतिहास भी पुलिस ने बताया है। उसके खिलाफ काजी मोहम्मदपुर थाना कांड संख्या 460/19, दिनांक 27 अक्टूबर 2019 को बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है।
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मुजफ्फरपुर- प्राइवेट स्कूल पर फायरिंग का आरोपी अरेस्ट:पर्ची चिपकाकर मांगी थी 50 लाख की रंगादारी, 500 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद 'स्वीपर' को दबोचा
