पूर्णिया| बच्चों को सोशल मीडिया पर संभावित ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से केंद्र सरकार को दिए गए निर्देश का प्रयास जैक सोसाइटी ने स्वागत किया है। सोसाइटी के जिला परियोजना समन्वयक उमेश कुमार ने कहा कि ऑनलाइन दुनिया में बच्चों के सामने यौन शोषण, ट्रैफिकिंग, सेक्सटॉर्शन, निजी डेटा के दुरुपयोग और साइबर बुलिंग जैसे कई खतरे हैं। नाबालिगों को बहला-फुसलाकर इन अपराधों का शिकार बनाया जा सकता है। ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को भारतीय कानूनों के अनुरूप संचालित करने की व्यवस्था बच्चों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। बच्चों के अधिकारों और उनकी ऑनलाइन सुरक्षा की जबादेही तय होनी चाहिए।
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बच्चों के ऑनलाइन अधिकार सुनिश्चित करने की जरूरत
