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गयाजी में 4 दिनों में 3.80 लाख श्रद्धालुओं ने किया:अब तक 12.65 लाख लोग पितृपक्ष मेले में पहुंचे, 95 बिछड़ों को खोया-पाया केंद्र ने अपनों से मिलाया




पितृपक्ष मेले में गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को प्रेतशिला, रामशिला, सीताकुंड, देवघाट, विष्णुपद मंदिर समेत दूसरे पिंडदान स्थलों पर 3 लाख 80 हजार 600 श्रद्धालु, पिंडदानी और तीर्थयात्री पहुंचे। इसके साथ ही मेले की शुरुआत से अब तक गयाजी आने वालों की संख्या 12 लाख 65 हजार 800 हो गई है। भीड़ के साथ मेले में सुविधाओं का इस्तेमाल करने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। मंगलवार को 12,098 तीर्थयात्रियों ने मेडिकल कैंपों में इलाज कराया। अब तक 40,908 लोगों को चिकित्सा सुविधा दी जा चुकी है। वहीं 76 लोगों ने व्हीलचेयर की सुविधा ली। अब तक 284 लोगों को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई है। मेले में बिछड़े 95 लोग अपनों से मिले भीड़ के बीच अपनों से बिछड़ने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। मंगलवार को खोया-पाया सेल की मदद से 95 लोगों को उनके परिजनों से मिलाया गया। मेले की शुरुआत से अब तक 225 लोगों को उनके परिवार से मिलाया जा चुका है। श्रद्धालुओं की शिकायतों के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम में मंगलवार को 249 शिकायतें पहुंचीं। मेले की शुरुआत से अब तक शिकायतों की संख्या 791 हो गई है। गांधी मैदान की टेंट सिटी में 1017 ने लिया ठिकाना दूर-दराज से आने वाले पिंडदानियों के लिए गांधी मैदान में टेंट सिटी बनाई गई है। मंगलवार को यहां 1,017 लोगों ने ठहरने की सुविधा ली। अब तक 3,032 लोग टेंट सिटी में आवासन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं के लिए गंगाजल की भी व्यवस्था की गई है। मंगलवार को 4,133 पैकेट गंगाजल बांटे गए। अब तक 12,581 पैकेट का वितरण हो चुका है। पूर्वजों के नाम पर 49 पौधे लगाए पितृवाटिका में मंगलवार को 49 पौधे पूर्वजों के नाम पर लगाए गए। अब तक यहां 156 पौधे लगाए जा चुके हैं। बच्चों और बुजुर्गों के बिछड़ने से बचाने के लिए उनके हाथों में रिस्ट बैंड भी लगाए जा रहे हैं। मंगलवार को 1,200 लोगों को रिस्ट बैंड लगाया गया। अब तक 1,721 लोग इसका लाभ ले चुके हैं। मेले में भाषा की परेशानी भी कम करने की कोशिश हो रही है। AI आधारित भाषा अनुवाद सुविधा से मंगलवार को 10,495 यात्रियों को मदद मिली। अब तक 22,975 यात्रियों को इस सुविधा से सहायता दी जा चुकी है।



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