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नालंदा के पावापुरी ओपी क्षेत्र के एक गांव में मूक-बधिर महिला के साथ कथित तौर पर अगवा कर गैंगरेप किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता के पति ने बताया कि 23 तारीख की शाम करीब सात बजे उनकी 35 साल की पत्नी शौच के लिए सड़क की ओर निकली थी। काफी खोजबीन के बाद वह रात करीब आठ बजे बदहवास हालत में वापस लौटी। अगली सुबह इशारों के जरिए उसने बताया कि गांव के कांग्रेस चौधरी समेत अन्य लोग उसे जबरन नहर की तरफ उठा ले गए, जहां उसके साथ दरिंदगी और मारपीट की गई। घटना के बाद पीड़िता को इलाज के लिए विम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके गले और होंठ पर चोट के निशान मिले। अस्पताल व पुलिस पर केस दबाने का गंभीर आरोप पीड़िता के पति का सीधा आरोप है कि अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के दौरान उन्हें डराया-धमकाया और सच्चाई छिपाने की कोशिश की। इसके अलावा स्थानीय पावापुरी थाना पुलिस पर भी मामले को हल्का कर मात्र छेड़खानी और मारपीट में बदलने तथा आपस में सुलह करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। पति का कहना है कि पत्नी मूक-बधिर होने के कारण केवल इशारों से अपनी बात कह पा रही है, लेकिन पुलिस ने उसकी आपबीती को गंभीरता से नहीं लिया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने से क्षुब्ध होकर पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में मंगलवार को एसपी के पास पहुंचा और सुरक्षा व निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई। पुलिस ने गैंगरेप की बात नकारी, पुराने विवाद में मारपीट का मामला दूसरी ओर, पावापुरी ओपी प्रभारी गौरव सिंह ने गैंगरेप के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। पुलिस का कहना है कि महिला सब इंस्पेक्टर भावना कुमारी की मौजूदगी में महिला चिकित्सक द्वारा पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न की पुष्टि नहीं हुई है। डॉक्टर के अनुसार महिला को सामान्य मासिक धर्म के कारण रक्तस्राव हो रहा था, जिसे गलत समझा गया। ओपी प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पूर्व से आपसी विवाद चल रहा था, जिसमें महिला के साथ मारपीट और गला दबाने की घटना हुई है। पुलिस ने छेड़खानी व मारपीट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
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नालंदा- पावापुरी में मूक-बधिर महिला से गैंगरेप का आरोप:पीड़िता के पति ने एसपी से न्याय की अपील की, कहा- अगवा कर सामूहिक दरिंदगी की गई
