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बेगूसराय जिले में हुई दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। तेघड़ा थाना क्षेत्र के धनकौल से 17 सितंबर से लापता 5 वर्षीय मो. सुफियान की क्षत-विक्षत लाश पांच दिन बाद 22 सितंबर को मिला था। गांव के ही पास बलान नदी के बांध के पास झाड़ियों से शव बरामद किया गया था। अपराधियों की हैवानियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मासूम का सिर, दोनों पैर और कलाई काटकर धड़ से अलग कर दिए गए थे। इस विभत्स हत्याकांड के बाद न केवल मृतक के परिवार में चीख-पुकार मच गई, बल्कि पूरे गांव में मातमी सन्नाटा और भारी आक्रोश है। हत्यारों की अब तक गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित और मर्माहत परिजन न्याय की मांग को लेकर घर के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। ‘आरोपियों गिरफ्तारी होने तक भूख हड़ताल पर रहेंगे’ मासूम के जाने के गम में मां का रो-रोकर बुरा हाल है। एक तरफ मृतक सुफियान के पिता मो. शकील गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। वहीं दूसरी तरफ मां शबाना खातून का रो-रोकर और भूखे-प्यासे बुरा हाल है। ‘फांसी की सजा होनी चाहिए’ अन्न त्याग चुकी मां आंखों में आंसुओं का सैलाब और दिल में कलेजे को चीर देने वाला दर्द लिए केवल एक ही रट लगाए हुए हैं। मेरे बच्चे के कातिलों को फांसी की सजा दो, तभी हमें शांति मिलेगी। घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी मेरे बच्चे के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हम लोग इंसाफ के लिए भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हम प्रशासन से बस यही चाहते हैं कि जैसा जुल्म मेरे बच्चे के साथ हुआ है, वैसा ही न्याय मिले। जिन्होंने मेरे मासूम को मारा है, उन्हें फांसी की सजा दी जाए। हत्यारों ने मेरे मासूम बच्चे को इस कदर बेरहमी से मारा कि उसके हाथ-पैर और सिर सब अलग-अलग कर दिए। उसके चेहरे पर तेजाब छिड़क कर ऐसा जला दिया था कि उसकी पहचान कर पाना भी नामुमकिन था। ‘मेरे बच्चे को बेरहमी से मारा है’ मां शबाना खातून ने रोते हुए कहा कि हमारा किसी से कोई वैर-विरोध नहीं है। हम लोग तो गांव में रहते भी नहीं थे, परदेस में रहकर मजदूरी करते थे। पिछले तीन-चार महीनों से मेरे पति की तबीयत खराब रहने के कारण हम गांव आए हुए थे। न तो हमारे परिवार में किसी से दुश्मनी है और न ही गांव में किसी से कोई विवाद। फिर भी न जाने किस दरिंदे ने मेरे मासूम बच्चे को इतनी दर्दनाक मौत दी। घटनास्थल से सामने आई कुछ तस्वीरें देखिए… ‘पुलिस कुछ नहीं कर रही है’ मां ने आगे कहा कहा कि 17 सितंबर को बच्चा गायब हुआ था और उसी दिन हमने थाने में रिपोर्ट दी थी। लेकिन पुलिस कुछ कर ही नहीं रही है। पुलिस वाले आते हैं, सिर्फ फॉर्मेलिटी के तौर पर पूछताछ करते हैं और कहते हैं कि आप भी ध्यान दो, हम भी ध्यान दे रहे हैं। लेकिन जब हमने पुलिस को मामला सौंप दिया, तो हम कैसे ध्यान दें। पुलिस का काम क्या है, अगर पुलिस संजीदगी से काम करती, तो 11 दिनों में हत्यारे पकड़े जा चुके होते। विधायक जी ने दो से तीन दिनों का समय मांगा है और कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अगर हमें इंसाफ नहीं मिला और कातिलों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो हम पूरा चक्का जाम करेंगे। भावुक हुए आरजेडी विधायक पीड़ित परिवार के अनशन पर बैठने की सूचना पर रविवार देर रात मटिहानी से आरजेडी विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह धनकौल गांव पहुंचे। पीड़ित माता-पिता और परिजनों से घटना की जानकारी ली। परिजनों को ढांढस बंधाते-बंधाते खुद विधायक भी अपने आंसुओं को नहीं रोक सके और उनकी आंखें भी छलक पड़ी। जिससे पूरा माहौल अत्यंत गमगीन और भावुक हो गया। बोगो सिंह ने एसपी से बात कर सुफियान के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की। आरजेडी विधायक ने कहा कि इस तरह की जघन्य वारदात से जनता के बीच खौफ का माहौल है। पुलिस को त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधियों को बेनकाब करना चाहिए। एसपी ने विधायक को आश्वासन दिया कि पुलिस-प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ मामले की तफ्तीश में जुटा है, विभिन्न बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है। घटना को अंजाम देने वाले शातिर अपराधियों की पहचान कर उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। ‘अपहरण की गुत्थी सुलझाने में पुलिस विफल रही’ इस दौरान आरजेडी विधायक बोगो सिंह ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज पूरे बिहार में महाजंगलराज जैसी स्थिति बन चुकी है और बेगूसराय भी इससे अछूता नहीं है। 17 सितंबर को मासूम बच्चा लापता होता है और पांच दिनों तक पुलिस प्रशासन अपहरण की गुत्थी सुलझाने में पूरी तरह विफल रहता है। ग्रामीणों के सहयोग से बच्चे का शव बरामद होता है, जो पुलिस की कार्यशैली और घोर लापरवाही को उजागर करता है। जब बच्चा गायब हुआ था, तभी अगर पुलिस सक्रियता दिखाती तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी। अपराधी की न तो कोई जाति होती है, न धर्म और न ही कोई राजनीतिक दल। अपराधी सिर्फ अपराधी होता है, प्रशासन का यह नैतिक व कानूनी कर्तव्य है कि ऐसे दरिंदों को कठोरतम सजा दिलाई जाए। ‘सदन में मामले को उठाएंगे’ बोगो सिंह ने आगे कहा कि इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के पास आकर सांत्वना देना हर जनप्रतिनिधि का मानवीय कर्तव्य बनता है। वे भले ही खोए हुए मासूम बच्चे को वापस नहीं लौटा सकते, लेकिन इस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ेंगे। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर परिजन जिले में एक 5 वर्षीय मासूम बच्चे की नृशंस और रूह कंपा देने वाली हत्या के बाद पूरा इलाका सदमे और भारी आक्रोश में है। घटना के 11 दिन बीत जाने के बावजूद जब पुलिस प्रशासन हत्यारों को गिरफ्तार करने में नाकाम रहा, तो न्याय की गुहार लगाते-लगाते थक चुके परिजन अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। बच्चे की मां और परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।
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सुफियान हत्याकांड: इंसाफ के लिए भूख हड़ताल पर मां:बोलीं- बच्चे को बेरहमी से मारा, फांसी से कम सजा मंजूर नहीं; RJD विधायक बोले- बिहार में महाजंगलराज है
