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मतदाता सूची में कथित वोट चोरी और लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरोध में कांग्रेस ने आज देशभर में जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन का ऐलान किया है। बिहार के हर जिले में आज कांग्रेस आक्रोश मार्च निकाल रही है। पटना में 12:30 बजे कांग्रेस मैदान, कदमकुआं से यह कांग्रेस का मार्च निकालेगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करेगी। दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्ति जताई भारतीय चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद को लेकर आई एक रिपोर्ट के बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई। संधू और जोशी का आरोप है कि आयोग के कई फैसले और आदेश उनकी जानकारी के बिना लिए और जारी किए गए। उन्होंने कुछ कदमों को ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ बताया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सभी आपत्तियों की जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दी गई थी। चार महीने बाद 9 सितंबर को तीनों चुनाव आयुक्तों की पूरी बैठक हुई। हालांकि इसमें किस मुद्दे पर चर्चा हुई, इसकी रिपोर्ट सामने नहीं आई। कांग्रेस पटना में पहले भी कर चुकी है प्रदर्शन शुक्रवार को बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य स्तर पर पटना में प्रदर्शन किया था। कांग्रेसी आर ब्लॉक, चाणक्य होटल से होते हुए राज्य निर्वाचन आयोग दफ्तर तक मार्च पहुंचना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने विधानसभा के पास उन्हें रोक दिया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं- पुलिस के बीच धक्का मुक्की हुई थी। प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए पप्पू यादव ने कहा था- CEC को फांसी हो पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कहा था कि राहुल गांधी देश के सबसे बड़े लीडर हैं। सारा विपक्ष ज्ञानेश के सवाल पर लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट है।मुख्य चुनाव आयुक्त को फांसी हो। कांग्रेस और हमारी विचारधारा, देश को और संविधान को बचाने की विचारधारा है। इसमें कोई राजनीति नहीं है। राजेश राम बोले- CEC के खिलाफ मुकदमा हो सभी कांग्रेसी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजेश राम ने कहा था, “चुनाव आयोग के खिलाफ ये है कि राहुल गांधी जी लगातार जो उनकी पोल खोल रहे थे। आज साबित हो गया कि बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र में वोट चोरी से सरकार बनी है।’ इधर, पटना में CJP ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। CJP मेंबर सतीश यादव ने कहा था कि इसमें कहा गया कि पटना से ही बिहार में SIR की प्रक्रिया शुरू हुई थी। 47 लाख नामों को हटा दिया गया था। बिहार के चुनाव में वोट पैसे से खरीद लिए गए। एक अखबार ने रिपोर्ट छापी दोनों चुनाव आयुक्त की अनुमति के बिना कई फैसले लिए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे में इस्तीफा देना होगा। बिहार में सबसे जोरदार प्रदर्शन होगा। अभिजीत दीपके भी बिहार का दौरा करेंगे।
दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्ति जताई भारतीय चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद को लेकर आई एक रिपोर्ट के बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई। संधू और जोशी का आरोप है कि आयोग के कई फैसले और आदेश उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए। उन्होंने कुछ कदमों को ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ बताया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सभी आपत्तियों की जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दी गई थी। चार महीने बाद 9 सितंबर को तीनों चुनाव आयुक्तों की पूरी बैठक हुई। हालांकि, इसमें किस मुद्दे पर चर्चा हुई, इसकी रिपोर्ट सामने नहीं आई।
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