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मुजफ्फरपुर जिले में शनिवार को मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) रसोइया संघ ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। सैकड़ों महिला और पुरुष रसोइयों ने शहर के मरीन ड्राइव स्थित केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद के क्षेत्रीय कार्यालय का घेराव किया। रसोइयों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उपेक्षा का आरोप लगाया। यूनियन नेताओं ने बताया कि 2010 में उन्हें 1000 रुपये मानदेय मिलता था, जो 16 साल बाद भी सिर्फ 3600 रुपये प्रति माह है। इतनी कम रकम में गुजारा मुश्किल है। उन्होंने सरकारी कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम मानदेय में बढ़ोतरी और निजीकरण रोकने की मांग की। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे दिल्ली में महाआंदोलन करेंगे। मांगे पूरी नहीं हुई तो मांगों को उग्र किया जाएगा आंदोलनकारियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह प्रदर्शन तो सिर्फ एक शुरुआत है। अगर सरकार ने उनकी जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। संघ ने एलान किया कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में आगामी 1 दिसंबर से 3 दिसंबर तक दिल्ली में देशव्यापी विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। रसोइयों ने साफ किया कि वे अपने हक की लड़ाई के लिए दिल्ली कूच करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। कार्यालय घेराव के बाद रसोइया संघ ने केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा।
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मुजफ्फरपुर में मिड-डे मील रसोइयों का प्रदर्शन:केंद्रीय राज्य मंत्री के कार्यालय का घेराव, मानदेय बढ़ाने और निजीकरण रोकने की मांग
