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गयाजी के देवघाट पर शनिवार पितृपक्ष मेला महासंगम का शुभारंभ हुआ। 17 दिन के इस अनुष्ठान में देश के कोने-कोने से तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु फल्गु नदी तट पर पितरों की आत्मा की शांति-मोक्ष के लिए पिंडदान, तर्पण और धार्मिक कर्मकांड कर रहे हैं। सुबह से ही देवघाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही है। तीर्थयात्री अपने परिवार के साथ पूजा सामग्री लेकर घाट पहुंचे। पंडा-पुजारियों की देखरेख में वैदिक मंत्रों के साथ पिंडदान हुआ, जिससे इलाके में भक्ति का माहौल बन गया। पूर्वजों के लिए पिंडदान कर रहे श्रद्धालु पितृपक्ष में गयाजी में पिंडदान का खास धार्मिक महत्व है। हर साल देश के कई राज्यों से लोग अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान करने यहां आते हैं। कई परिवार अपने पारंपरिक पंडा-पुजारियों के साथ तय पिंडवेदी पर कर्मकांड करते हैं। मेले के लिए शहर में तैयारियां पूरी हैं। घाटों, प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए साफ-सफाई, पीने का पानी, रोशनी, सुरक्षा और ट्रैफिक का इंतजाम है। पुलिस व प्रशासन की टीमें भीड़ नियंत्रित कर रही हैं।
देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालु पितृपक्ष के पहले दिन से ही गयाजी में तीर्थयात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान कर रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि गयाजी में पिंडदान करने की उनकी वर्षों पुरानी इच्छा थी, जिसे इस बार पूरा करने के लिए वे परिवार के साथ यहां पहुंचे हैं। देवघाट पर पिंडदान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक नजर आया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा में लगाए गए पुलिसकर्मी मुस्तैदी के साथ तैनात दिख रहे हैं। यात्रियों की सेवा के लिए कई शिविर भी लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की घटना से तुरंत निपटा जा सके। तमाम तरह की जो व्यवस्था है वह जिला और नगर निगम के द्वारा की गई है।
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गयाजी के देवघाट पर पितृपक्ष मेला शुरू:पितरों के मोक्ष के लिए पहुंच रहे तीर्थयात्री, वैदिक मंत्रों के साथ पिंडदान; सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात
