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किशनगंज में बुधवार को निगरानी विभाग की तीन सदस्यीय टीम के पहुंचने से कई सरकारी विभागों में हलचल रही। भागलपुर से पहुंची टीम 2013 के एक पुराने मामले की जांच के सिलसिले में सेवानिवृत्त कनीय अभियंता रघुनाथ सिन्हा की तलाश में जुटी थी। टीम ने उनके पूर्व पदस्थापन, सेवा अवधि और वर्तमान पते से संबंधित जानकारी जुटाई। ग्रामीण कार्य से लेकर पीएचईडी तक पहुंची टीम निगरानी विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीण कार्य विभाग, भवन निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) और ग्रामीण कार्य संगठन समेत संबंधित कार्यालयों में जाकर पूछताछ की। अधिकारियों ने रघुनाथ सिन्हा की नौकरी से जुड़े रिकॉर्ड और उनके पूर्व पदस्थापन से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी ली। सर्विस बुक और विभागीय रिकॉर्ड खंगाले जांच के दौरान टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि रघुनाथ सिन्हा की कब और कहां-कहां पोस्टिंग रही। इसके अलावा सेवानिवृत्ति के बाद उनका वर्तमान पता क्या है, इसकी भी जानकारी जुटाई गई। इसके लिए सर्विस बुक, विभागीय रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की गई। 2013 के पुराने मामले से जुड़ी है जांच बताया जा रहा है कि निगरानी विभाग की यह कार्रवाई 2013 के एक पुराने मामले के संबंध में है। हालांकि, मामले में आरोप क्या हैं और जांच के मुख्य बिंदु क्या हैं, इसको लेकर विभाग की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। कई कार्यालयों में टीम पहुंचने से चर्चा एक साथ कई सरकारी कार्यालयों में निगरानी टीम के पहुंचने से अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच दिनभर चर्चा होती रही। फिलहाल टीम रिटायर्ड जेई से जुड़े नाम, पदस्थापन, सेवा रिकॉर्ड और वर्तमान पते की पुष्टि में जुटी है। जुटाई गई जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच की दिशा तय होने की संभावना है।
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सेवानिवृत्त JE रघुनाथ सिन्हा की तलाश में किशनगंज पहुंची 'निगरानी':2013 के मामले में भागलपुर से आई टीम, जुटाई जानकारी
