Headlines

खादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश:कटिहार में जबरन टैगिंग पर कार्रवाई की चेतावनी, आपूर्ति व्यवस्था पारदर्शी बनाने पर जोर




कटिहार जिले में किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए शुक्रवार को एक बैठक हुई। संयुक्त कृषि भवन के सभागार में हुई इस बैठक में उर्वरक कंपनियों के अधिकारी शामिल हुए। जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें उर्वरकों की उपलब्धता, आपूर्ति, परिवहन, एफओआर व्यवस्था, फ्रेट और बिक्री की विस्तार से समीक्षा की गई। जिला कृषि पदाधिकारी ने कंपनियों को निर्देश दिया कि आवंटित उर्वरकों की आपूर्ति में देरी न हो। रैक से उर्वरक उठाने के बाद उसे अधिकृत थोक और खुदरा बिक्री केंद्रों तक पहुंचाया जाए। इससे किसानों को उर्वरक के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने साफ किया कि सिर्फ रेलवे रैक प्वाइंट या जिला और प्रखंड मुख्यालय तक उर्वरक पहुंचाना काफी नहीं है। एफओआर (फ्रेट ऑन रोड) व्यवस्था के तहत इसे तय बिक्री केंद्र तक पहुंचाना कंपनियों की जिम्मेदारी है। हर रैक से संबंधित उर्वरक की मात्रा, रैक प्वाइंट, उठाने और आपूर्ति की तारीख, और तय जगह का रिकॉर्ड रखने को कहा गया। बैठक में उर्वरक के साथ दूसरे उत्पादों की जबरन टैगिंग पर भी सख्त निर्देश दिए गए। जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि डीएपी, यूरिया, एनपीके/एनपीकेएस, एमओपी और एसएसपी जैसे उर्वरकों के साथ जिंक, सल्फर, जैव उर्वरक या नैनो उर्वरक जैसे उत्पाद जबरन न बेचे जाएं। ऐसी शिकायत मिलने पर नियम के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि किसानों की जरूरत के हिसाब से उर्वरक उपलब्ध कराना कंपनियों और बिक्री व्यवस्था की जिम्मेदारी है। आपूर्ति, परिवहन या बिक्री में किसी भी गड़बड़ी या बेवजह की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बैठक में सहायक निदेशक (शस्य)-सह-बीज उत्पादन एवं विपणन पदाधिकारी शालिनी कुमारी और उप परियोजना निदेशक आत्मा शशिकांत झा मौजूद थे। इनके अलावा इफको, आईपीएल, इंडोरामा, यारा, पीपीएल, कृभको, खेतान केमिकल और एनएसएस सहित कई कंपनियों के अधिकारी और प्रतिनिधि भी शामिल हुए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *