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गया IMC अक्टूबर में होगा शुरू:सुल्तानगंज-तारापुर सड़क फोरलेन पर दौड़ेंगी गाड़ियां, जयनगर बैराज का काम तेज




बिहार में 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बड़ी विकास परियोजनाओं को अब तेजी से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ‘बिहार गति’ के तहत चल रही महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में सड़क, पेयजल, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा और समाज कल्याण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि विकास योजनाओं में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के साथ-साथ काम की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। जहां किसी योजना में रुकावट आ रही है, वहां समस्या की पहचान कर उसका जल्द समाधान करने को कहा गया। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में शुरू होगा गया का IMC औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के तहत गया में बन रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) को लेकर बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसका शुभारंभ अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में कराने की तैयारी पूरी की जाए। गया में IMC के शुरू होने से बिहार में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्र के लिए जरूरी सड़क, बिजली, पानी और दूसरी आधारभूत सुविधाओं को समय पर तैयार करने का निर्देश दिया। औद्योगिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। सुल्तानगंज-तारापुर सड़क को फोरलेन करने की तैयारी सुल्तानगंज-तारापुर-संग्रामपुर-बेलहर-कटोरिया-चन्दन-दर्दमारा सड़क परियोजना की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने सड़क के 0 से 40 किलोमीटर तक के हिस्से को फोरलेन करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही बेलहर से दर्दमारा तक फोरलेन सड़क बनाने की दिशा में भी जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क की मौजूदा जरूरत के साथ भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की जाए। औरंगाबाद, सासाराम और डेहरी में पेयजल योजना में तेजी बैठक में औरंगाबाद, सासाराम और डेहरी शहरों की पेयजल आपूर्ति योजना की भी समीक्षा की गई। इस योजना में सोन नदी के सतही जल का इस्तेमाल लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए किया जाना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजना के काम की लगातार निगरानी करने और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। लोगों को साफ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने वाली योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जयनगर में कमला नदी पर बैराज का काम तेज करने का निर्देश मधुबनी जिले के जयनगर में कमला नदी पर बन रहे बैराज की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को बैराज निर्माण से जुड़े काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने सभी जरूरी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि जल संसाधन और सिंचाई से जुड़ी योजनाओं का लाभ किसानों को समय पर मिलना चाहिए। इसके लिए परियोजना के हर चरण की नियमित निगरानी करने को कहा गया। दक्षिण बिहार की नहरों और तटबंधों पर लगेगा सोलर सिस्टम बैठक में दक्षिण बिहार की नहरों और नदियों के तटबंधों को सोलराइजेशन करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसका मतलब इन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाना है। उन्होंने अधिकारियों को दक्षिण बिहार की सभी नहरों और नदियों के तटबंधों पर सौर ऊर्जा की संभावनाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। आंगनवाड़ी कर्मियों का लंबित मानदेय दशहरा से पहले देने का निर्देश समाज कल्याण विभाग और समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) के तहत चल रही योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इसमें सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0, मिशन शक्ति-सामर्थ्य और किशोरी बालिकाओं के लिए भोजन योजना समेत कई कार्यक्रम शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने खास तौर पर निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी कर्मियों और संबंधित कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान दुर्गा पूजा से पहले हर हाल में कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि महिला और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। आंगनवाड़ी सेवाओं और पोषण कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा भी करने का निर्देश दिया गया।



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