3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

हैदराबाद के मूसीपेट में लिफ्ट और दीवार के बीच फंसे 40 साल के मुरली को HYDRAA ने बचा लिया। तीन मंजिला इमारत में रविवार को हुए हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 90 मिनट चला।
मुरली दूसरी मंजिल पर लिफ्ट से बाहर निकल रहे थे। तभी लिफ्ट तीसरी मंजिल की ओर चल पड़ी। उनका एक पैर लिफ्ट के अंदर और दूसरा दूसरी मंजिल की लैंडिंग पर था।
मुरली को सुबह ठीक 10:50 बजे बाहर निकाला गया। उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया। लिफ्ट और दीवार के बीच दबने से उनका पैर फ्रैक्चर हो गया।
दूसरी मंजिल पर हुआ हादसा
यह घटना तेलंगाना के मूसीपेट स्थित अंजनैया नगर की एक तीन मंजिला इमारत में हुई। मुरली अपनी पत्नी के साथ ग्राउंड फ्लोर से दूसरी मंजिल तक लिफ्ट में गए थे।
लिफ्ट पुरानी थी और उसमें ग्रिल लगी थी। सेंसर में खराबी के कारण लिफ्ट ऊपर की ओर चल पड़ी। उस समय मुरली दूसरी मंजिल पर लिफ्ट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।
उसी वक्त किसी ने तीसरी मंजिल का लिफ्ट बटन दबा दिया। कुछ ही सेकंड में लिफ्ट ऊपर जाने लगी। मुरली का एक पैर लिफ्ट के अंदर था और दूसरा दूसरी मंजिल की लैंडिंग पर।
उनका पैर लिफ्ट की ग्रिल में फंस गया। वह दूसरी और तीसरी मंजिल के बीच लटके रह गए। लिफ्ट में मौजूद उनकी पत्नी ने मदद के लिए शोर मचाया।
रेस्क्यू टीम ने दीवार काटकर बाहर निकाला
अपार्टमेंट के लोगों ने मुरली को बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने HYDRAA कंट्रोल रूम को सूचना दी।
पास के कुकटपल्ली में तैनात HYDRAA डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (DRF) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
जेडीवी प्रसाद ने बताया कि मुरली को निकालने के लिए लिफ्ट की दीवार का कुछ हिस्सा तोड़ना पड़ा। ऑपरेशन पूरा करने में सनथनगर फायर स्टाफ ने भी मदद की।
फायर स्टाफ ने हाइड्रोलिक कटर का इस्तेमाल किया। करीब 90 मिनट की कोशिश के बाद मुरली को सुबह 10:50 बजे बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया।
जांच में पता चला कि लिफ्ट और दीवार के बीच दबने से मुरली का पैर फ्रैक्चर हो गया था।

