![]()
पटना हाईकोर्ट ने पूर्णिया विश्वविद्यालय में पीएचडी शोधार्थी का परिणाम रोके जाने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन को अहम निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि परिणाम जारी करने में कोई कानूनी या प्रशासनिक अड़चन नहीं है, तो आदेश की प्रति मिलने के 30 दिनों के भीतर छात्र का पीएचडी परिणाम घोषित किया जाए। शिक्षा का अधिकार सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षा का अधिकार केवल परीक्षा देने तक सीमित नहीं है। समय पर परिणाम घोषित करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक देरी के कारण किसी रिसर्च स्कॉलर का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। प्रवेश परीक्षा पास कर पीएचडी में कराया था रजिस्ट्रेशन मामले में छात्र ने कोर्ट को बताया कि प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने पूर्णिया विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। शोध कार्य पूरा करने के बाद उन्होंने 27 सितंबर 2024 को अपनी थीसिस की हार्ड कॉपी, पीपीटी की सॉफ्ट कॉपी और अन्य जरूरी दस्तावेज पीजी विभाग में जमा किए थे। 18 जनवरी 2025 को पूरा हो चुका था वाइवा छात्र के अनुसार, थीसिस जमा करने के बाद उनकी वाइवा-वोस प्रक्रिया भी 18 जनवरी 2025 को पूरी हो गई थी। इसके बावजूद सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भी विश्वविद्यालय की ओर से उनका अंतिम परिणाम जारी नहीं किया गया। छह महीने में मूल्यांकन और रिजल्ट का नियम सुनवाई के दौरान यूजीसी और उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े नियमों का भी हवाला दिया गया। इन नियमों के अनुसार थीसिस जमा होने के बाद निर्धारित अवधि में उसका मूल्यांकन, वाइवा-वोस और अंतिम परिणाम घोषित किया जाना चाहिए। कोर्ट ने इन्हीं प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय को कार्रवाई का निर्देश दिया। कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक करेंगे जांच हाईकोर्ट ने पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि परिणाम रोकने के पीछे कोई कानूनी या प्रशासनिक बाधा नहीं है, तो 30 दिनों के भीतर परिणाम जारी किया जाए। विश्वविद्यालय बोला- आदेश के अनुसार होगी कार्रवाई पूर्णिया विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जमीरूल आलम ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को मिल गई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आदेश को गंभीरता से लेगा। तकनीकी, कानूनी और शैक्षणिक पहलुओं की जांच करने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Source link
हाईकोर्ट बोला-'30 दिन में घोषित करें पीएचडी रिजल्ट':थीसिस के एक साल बाद भी नहीं आया, रिसर्च स्कॉलर का भविष्य प्रभावित नहीं हो
