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वाराणसी में शादी, कोर्ट मैरिज से पहले छत से फेंका:मुजफ्फरपुर की लड़की बोली- मैं पिछड़ी जाति से हूं, इसलिए बॉयफ्रेंड ने हत्या की कोशिश की




‘मेरे साथ बहुत गलत हुआ है, बॉयफ्रेंड ने हत्या की नीयत से मुझे मरने के लिए छत से फेंक दिया। हम रिलेशन में थे, उसने मेरे साथ वाराणसी में शादी की थी। लेकिन उसके बाद साथ रखने से मना कर दिया। जब मैंने उसके साथ उसके घर में रहने की जिद की तो वो अपने साथ मुझे घर तो ले गया, लेकिन ये भी कहा कि मैं इस शादी को नहीं मानता। मामला समाज में गया तो दबाव में कोर्ट मैरिज करने के लिए तैयार हुआ,लेकिन कोर्ट मैरिज से एक दिन पहले ही छत से फेंक दिया।’ मुजफ्फरपुर के पारु थाना क्षेत्र की रहने वाली लड़की ने ये बातें कही, जो इस वक्त मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में इलाज के लिए एडमिट है। लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड रॉकी दुबे और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि वाराणसी में मंदिर में शादी करने के बाद मैं रॉकी के साथ कोर्ट मैरिज करना चाहती थी, लेकिन रॉकी और उसके परिवार वाले इस शादी को मानने के लिए तैयार नहीं थे। हालांकि, किसी तरह रॉकी कोर्ट मैरिज को तैयार हुआ, लेकिन एक रात पहले ही उसने मेरी बुरी तरह पिटाई की और फिर हत्या की नीयत से दो मंजिला घर की छत से नीचे फेंक दिया। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए लड़की की पूरी कहानी 9 अगस्त को घर से निकली, वाराणसी में की शादी पुलिस को दिए बयान के अनुसार, लड़की 9 अगस्त की सुबह अपने घर से पटना के लिए निकली थी, जहां उसका बॉयफ्रेंड रॉकी पहले से इंतजार कर रहा था। इसके बाद दोनों वाराणसी चले गए। लड़की का दावा है कि 11 अगस्त को काशी विश्वनाथ के पास एक मंदिर में दोनों ने शादी की। इसके बाद लड़की का भाई रॉकी के जीजा के साथ वाराणसी पहुंचा। यहां पक्षों के बीच बातचीत हुई और विधिवत शादी कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद 27 अगस्त को दोनों को वापस घर लाया गया। घर में रखने से किया इनकार, ग्रामीणों के दबाव में रखना पड़ा युवती का कहना है कि रॉकी के घर पहुंचने के बाद उसकी मां, भाई और भाभी ने मुझे घर में रखने से मना कर दिया। इसके बाद 9 सितंबर को मैं कुछ ग्रामीणों के साथ रॉकी के घर पहुंची। सामाजिक दबाव के बाद उसके परिवार वालों ने मुझे अपने साथ रखने की बात मान ली। युवती के अनुसार, 11 सितंबर को रॉकी की मां और चाची उसे उसकी छोटी बहन विजेता सिंह के घर ले गईं। उसी रात रॉकी भी बेंगलुरु से वहां पहुंचा। 12 को कोर्ट पहुंचे, 14 की मिली अगली तारीख बयान के मुताबिक, 12 सितंबर को रॉकी और पीड़िता कोर्ट मैरिज के लिए गए थे, लेकिन शनिवार होने के कारण शादी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद 14 सितंबर को कोर्ट मैरिज की अगली तारीख तय हुई। आरोप है कि कोर्ट मैरिज नहीं हो, इसी वजह से 13 सितंबर की रात करीब 11 बजे उसे विजेता सिंह के घर ले जाया गया। वहां रॉकी, उसकी चाची और अन्य परिजनों ने उसके साथ मारपीट की। रातभर पीटा, फिर छत से नीचे फेंका लड़की ने पुलिस को बताया कि उसके साथ रातभर मारपीट की गई। उसने अपनी बहन को फोटो भेजकर मदद मांगी और कहा कि उसे जान से मार दिया जाएगा। आरोप है कि मारपीट के दौरान उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए। 14 सितंबर की सुबह करीब 8 से 8:30 बजे के बीच उसे घसीटते हुए छत पर ले जाया गया और दो मंजिला छत से नीचे फेंक दिया गया। उसने आरोप लगाया कि नीचे गिराने के बाद आरोपी आपस में कह रहे थे कि अगर वह मर जाएगी तो इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सकेगा। इसके बाद लड़की के अनुसार, विजेता सिंह उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पारू ले गईं और वहां छोड़कर चली गईं। मैं पिछड़ी जाति से हूं, इसलिए रॉकी और उसके घर वाले मुझे एक्सेप्ट नहीं कर रहे लड़की ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि रॉकी और उसके परिवार वाले शादी के लिए तैयार नहीं थे। उसके अनुसार, रॉकी अगड़ी जाति से है, जबकि वह पिछड़ी जाति से आती है। आरोप है कि जाति अलग होने के कारण ही उससे पीछा छुड़ाने और कोर्ट मैरिज रोकने के लिए यह घटना की गई। लड़की के इसी बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।



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