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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर पंचायत स्तर पर लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। दावा है कि इन शिविरों में अधिकारी पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और उनका मौके पर समाधान किया जाएगा। लेकिन डुमरा प्रखंड की मिर्जापुर पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। लोगों ने इसे महज दिखावा बताते हुए कहा कि जब अधिकारी ही नहीं पहुंचेंगे तो समस्याओं का समाधान कैसे होगा। बीडीओ कुछ देर आए, सीओ नहीं पहुंचे ग्रामीण राजदेव राय ने बताया कि वे अपनी समस्या को लेकर ब्लॉक में कई बार आवेदन दे चुके हैं। लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। उन्हें सहयोग शिविर में बताया गया था कि बीडीओ और सीओ आएंगे। वे ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे। पर सीओ नहीं पहुंचे। शिविर में सिर्फ कर्मचारी मौजूद थे। बीडीओ भी कुछ देर के लिए आए और फिर चले गए। राजदेव राय ने कहा कि अगर अधिकारियों को जनता की समस्याएं सुननी ही नहीं हैं तो ऐसे शिविर का क्या फायदा। जमीन के परिमार्जन के लिए चक्कर लगा रहे ग्रामीण वहीं, ग्रामीण शिव शंकर यादव ने बताया कि वे लंबे समय से जमीन के परिमार्जन के लिए परेशान हैं। इसके लिए वे कई बार कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं। उन्हें उम्मीद थी कि सहयोग शिविर में सीओ मौजूद रहेंगे। इससे उनकी समस्या का समाधान होगा। लेकिन सीओ के नहीं आने से उनकी परेशानी वैसी ही बनी हुई है। अधिकारी नहीं पहुंचे तो लोगों को हुई निराशा ग्रामीण मोहम्मद अख्तरूल ने भी शिविर की व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर शिविर में पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि अधिकारी मौके पर सुनवाई करेंगे। लेकिन अधिकारियों के न आने से लोगों को निराशा हुई। ग्रामीणों का कहना है कि सहयोग शिविर तभी सफल होगा, जब संबंधित अधिकारी खुद मौजूद रहें। वे लंबित मामलों पर कार्रवाई करें। केवल आवेदन लेने और कुछ देर बाद शिविर खत्म कर देने से आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता।
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सहयोग शिविर में नहीं पहुंचे अधिकारी, ग्रामीण भड़के:बोले- सीओ आएंगे कहकर बुलाया, कर्मचारी ही मिले; सीतामढ़ी में जमीन परिमार्जन का मामला भी नहीं सुलझा
