Headlines

Tigmanshu Dhulia Slams KGF Star Yash Look


14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने हाल ही में साउथ फिल्मों में दिखाए जा रहे हीरोज के लुक और हिंसा पर अपनी राय रखी। उन्होंने फिल्म ‘KGF’ के हीरो यश के लुक पर तंज कसा।

तिग्मांशु ने कहा कि आजकल फिल्मों में हीरो लंबे बाल और बड़ी दाढ़ी में नजर आते हैं, जो उन्हें राक्षस जैसे लगते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस तरह के किरदार पहले रामायण और महाभारत में राक्षसों के होते थे, वे आज फिल्मों में हीरो बनकर युवाओं को पसंद आ रहे हैं।

तिग्मांशु धूलिया ने यह बात कोशाला साहित्य महोत्सव में बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि आजकल फिल्मों में बहुत ज्यादा गुस्से वाले और हिंसक किरदार दिखाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, ‘बाहुबली’ के बाद ‘KGF’ और ‘कांतारा’ जैसी फिल्मों में मार-काट और खून-खराबा काफी बढ़ गया है।

तिग्मांशु ने कहा कि उन्हें इस तरह का सिनेमा बिल्कुल पसंद नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि दर्शक ऐसी फिल्मों को पसंद कर रहे हैं।

उनके मुताबिक, इसकी एक वजह समाज में लोगों के अंदर मौजूद गुस्सा हो सकता है। उन्होंने कहा कि शायद लोगों को अपना गुस्सा निकालने का कोई जरिया नहीं मिल रहा, इसलिए वे फिल्मों के इन किरदारों में खुद को देखते हैं और उन्हें देखकर मजा लेते हैं।

यश ने KGF फिल्म फ्रेंचाइजी में रॉकी का किरदार निभाया था।

यश ने KGF फिल्म फ्रेंचाइजी में रॉकी का किरदार निभाया था।

उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि इन फिल्मों का लोगों पर इतना असर क्यों है। तिग्मांशु ने यह भी कहा कि लगातार ऐसी फिल्में बन रही हैं और दर्शक उन्हें पसंद कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि यह उनकी निजी पसंद का सिनेमा नहीं है।

तिग्मांशु धूलिया ने ‘धुरंधर’ की कहानी पर सवाल उठाए

हाल ही में तिग्मांशु धूलिया ने मौजूदा हिंदी सिनेमा में कहानी कहने के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि कॉरपोरेट कल्चर और एक जैसे फिल्मी टेम्पलेट के कारण फिल्मों में मौलिक कहानियां कम होती जा रही हैं। धूलिया ने यह टिप्पणी हाल ही में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (EGI) की ओर से आयोजित राजेंद्र माथुर मेमोरियल लेक्चर के दौरान की थी।

धूलिया ने कमर्शियल मेनस्ट्रीम सिनेमा का उदाहरण देते हुए ‘पुष्पा’, ‘KGF’ और ‘धुरंधर’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हर फिल्म एक फिक्शनल बायोपिक है।”

‘धुरंधर’ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी से फिल्म की कहानी पूछी जाए तो शायद वह उसे ठीक से बता नहीं पाएगा।

निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने ‘पान सिंह तोमर’, ‘हासिल’ और ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’ जैसी फिल्में डायरेक्ट की हैं।

निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने ‘पान सिंह तोमर’, ‘हासिल’ और ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’ जैसी फिल्में डायरेक्ट की हैं।

उन्होंने कहा, “मैंने वह फिल्म देखी है। मुझे फिल्म का पहला पार्ट काफी पसंद आया। बहुत अच्छी तरह प्रेजेंट किया गया है, काफी एंगेजिंग है और म्यूजिक भी अच्छा है, लेकिन आप उसकी कहानी पूछिएगा तो आप कहानी बता नहीं पाएंगे।”

धूलिया ने फिल्म की कहानी को अपने अंदाज में समझाते हुए कहा, “एक आदमी है, अंडरकवर स्पाई है, पाकिस्तान जाता है और वहां तबाही मचा देता है। ये कोई कहानी हुई?”

उन्होंने आगे कहा कि फिल्मों में कहानी कहने वाले लोग कम हो गए हैं और जो लोग अलग तरह की कहानी कहना चाहते हैं, उन्हें बनाने का मौका नहीं मिलता। उनके मुताबिक मेकर्स को डर रहता है कि ऐसी फिल्में चलेंगी नहीं।

धूलिया बोले- फिल्मों में एक जैसा टेंपलेट दिखाई दे रहा है

धूलिया ने कहा कि एक ही जैसा टेंपलेट हर जगह दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे एक्सट्रीम कैपिटलिज्म से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह शहरों, फैशन, गाड़ियों और दुकानों में एकरूपता बढ़ रही है, उसी तरह फिल्मों में भी इंडिविजुअलिटी कम होती जा रही है।

उन्होंने पुराने हिंदी सिनेमा का जिक्र करते हुए कहा कि बिमल रॉय, शक्ति सामंत, मनमोहन देसाई, प्रकाश मेहरा और सुभाष घई जैसे फिल्मकारों से लेकर 2017 तक हिंदी सिनेमा में स्थिति ठीक थी। इसके बाद अचानक बदलाव आया और हम कहानी कहना ही भूल चुके हैं। खबर यहां पढ़ें…

तिग्मांशु धूलिया के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी फिल्म ‘घमासान’ 11 सितंबर 2026 को ZEE5 पर रिलीज हुई है। फिल्म में प्रतीक गांधी और अरशद वारसी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म बुंदेलखंड के डकैत संसार से प्रेरित कहानी पर आधारित है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

    OpenBuk Bharat (ओपनबुक भारत) आपका भरोसेमंद डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है। हम राष्ट्रीय, प्रादेशिक (बिहार), वाणिज्य, और मनोरंजन जगत की हर बड़ी खबर निष्पक्षता और सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।