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नालंदा में सो रहे लड़के को करैत सांप ने डंसा:3 घंटे तक झाड़फूंक कराते रहे परिजन, मौत; पॉलिथीन में सांप लेकर पहुंचे परिजन




नालंदा में गुरुवार की रात एक युवक को करैत सांप ने काट लिया। सांप के काटने के बाद परिजन युवक को डॉक्टर के पास न ले जाकर झाड़फूंक कराने के लिए ओझा के पास ले गए। करीब तीन घंटे तक झाड़फूंक के बाद जब युवक की हालत बिगड़ने लगी तो उसे अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, मृतक के परिजन ने घटना के बाद युवक को डंसने वाले सांप को मार दिया था और उसे प्लास्टिक में रखकर अस्पताल पहुंचे। घटना परवलपुर थाना क्षेत्र के बड़ी मठ गांव की है। मृतक की पहचान श्लोक मांझी के 19 साल के बेटे हरिनंदन मांझी के रूप में हुई है। हरिनंदन के परिजन ने बताया कि उसकी एक साल पहले शादी हुई थी। उसकी एक महीने की एक बेटी भी है। घटना से जुड़ी दो तस्वीरें देखिए मठ में सोने गया था युवक, आधी रात को पीठ पर डंसा मृतक के भाई दीपक कुमार ने बताया कि हरिनंदन मांझी रोज की तरह खाना खाने के बाद गांव के ही मठ में सोने गया था। रात करीब दो बजे जब वह गहरी नींद में था, तभी विषैले करैत सांप ने उसकी पीठ पर डंस लिया। पीठ में असहनीय दर्द और जलन महसूस होने पर हरिनंदन चीखते हुए उठा और घर भागा। उसने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने मठ में खोजबीन कर उस जहरीले सांप को पकड़ कर मार डाला। अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक में गंवाया समय सांप के काटने के फौरन बाद युवक को डॉक्टरी इलाज की सख्त जरूरत थी, लेकिन अंधविश्वास के कारण परिजन उसे सीधे अस्पताल ले जाने के बजाय स्थानीय ओझा-गुणी के पास झाड़-फूंक कराने के लिए ले गए। झाड़-फूंक के कारण तीन घंटे का समय बर्बाद हो गया। इसी दौरान पूरे शरीर में जहर फैल गया। जब युवक की हालत लगातार बिगड़ने लगी और वह बेसुध हो गया तो आनन-फानन में उसे परवलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए तत्काल बिहार शरीफ सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सांप लेकर सदर अस्पताल पहुंचे परिजन, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित सदर अस्पताल पहुंचते वक्त परिजन उस करैत सांप को भी साथ लेकर पहुंचे थे, ताकि डॉक्टर सांप की प्रजाति देखकर सही एंटी-वेनम दे सकें। हालांकि, तब तक जहर का असर अत्यधिक बढ़ चुका था। सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि यदि युवक को समय रहते, घटना के तुरंत बाद अस्पताल लाया जाता, तो एंटी-वेनम की मदद से उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों के विलाप से गमगीन हुआ माहौल हरिनंदन गांव में ही मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। युवक की मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। पिछले साल ही उसकी शादी हुई थी और हाल ही में वह एक बच्ची का पिता बना था। पति की असमय मौत से पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं बूढ़े माता-पिता बेसुध पड़े हैं।



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