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नालन्दा के तेलमर थाना क्षेत्र के बौरीगंज गांव के समीप सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद हुए सड़क जाम के मामले में 41 ग्रामीणों पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने से लोगों में भारी आक्रोश है। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसपी को आवेदन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए मुकदमा वापस लेने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने द्वेषपूर्ण रवैया अपनाते हुए ऐसे निर्दोष युवकों को भी नामजद कर दिया है, जो घटना के वक्त मौके पर मौजूद तक नहीं थे। ट्रक की चपेट में आने से हुई थी युवक की मौत ग्रामीण राजू कुमार ने बताया कि बीते 30 अगस्त की देर शाम बौरीगंज के पास अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से रौशन कुमार की दर्दनाक मौत हो गई थी। मृतक अपने पीछे दो मासूम बच्चों को छोड़ गया है। बदहाल आर्थिक स्थिति को देखते हुए परिजन और ग्रामीण उचित मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर बैठे थे। कार्रवाई नहीं होने का मिला था भरोसा मौके पर पहुंचे एसडीओ और डीएसपी ने मृतक के परिजनों को 20 हजार रुपये का चेक सौंपा था और ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि उन पर कोई पुलिसिया कार्रवाई नहीं होगी। आरोप है कि अधिकारियों के इस आश्वासन के बावजूद तेलमर थाने में 41 नामजद ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। गिरफ्तारी के खौफ से गांव के कई निर्दोष युवक घर छोड़कर फरार हैं। पुलिस ने कहा- आठ घंटे तक सड़क रही बाधित इधर, तेलमर थानाध्यक्ष चंद्रशेखर कुमार ने पुलिसिया कार्रवाई को जायज ठहराते हुए कहा कि सालेपुर-करौटा मुख्य मार्ग को शव रखकर करीब आठ घंटे तक पूरी तरह बाधित रखा गया था। उपद्रवियों ने सड़क पर आगजनी कर यातायात ठप कर दिया, जिससे आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सरकारी कार्य में बाधा का आरोप, जांच जारी थानाध्यक्ष ने कहा कि वरीय अधिकारियों की समझाइश के बाद भी जाम नहीं हटाया जा रहा था। इसी कारण सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सड़क अवरुद्ध करने के आरोप में विधिसम्मत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच जारी है।
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सड़क हादसे के बाद 41 ग्रामीणों पर FIR से बवाल:एसपी से मुकदमा वापस लेने की मांग; नालंदा में युवक की मौत पर 8 घंटे रहा सड़क जाम
